भारत के इस शहर में न कोई धर्म है, न पैसा है और न ही सरकार है

Dunia Ajab Gajab
भारत के इस शहर में न कोई धर्म है, न पैसा है और न ही सरकार है

यहां पर कोई भी इंसान आकर रह सकता है, लेकिन सिर्फ एक शर्त है उसको यहां पर एक सेवक की तरह रहना होगा

नई दिल्ली। आप भी सोच रहे होंगे कि भारत के तो हर हिस्से में सरकार है और धर्म व पैसा भी है, फिर आखिर ऐसा कौन सा शहर है यहां। सबसे बड़ी बात तो यह कि यह शहर दक्षिण भारत में है और चेन्नई से केवल 150 किलोमीटर की दूरी पर है।

इस जगह का नाम है ऑरोविले। इस शाहर की स्थापना साल 1968 में मिरा अलफासा ने की थी और इसे सिटी ऑफ डॉन यानी कि भोर का शहर भी कहा जाता है। इस शहर को बसाने का सिर्फ एक ही मकसद रहा कि यहां सभी इंसान जात-पात, ऊंच-नीच और भेद-भाव के बिना रहें। यहां पर कोई भी इंसान आकर रह सकता है, लेकिन सिर्फ एक शर्त है उसको यहां पर एक सेवक की तरह रहना होगा।

इस शहर में 50 देशों के लोग रह रहे हैं। इस शहर की आबादी लगभग 24 हजार लोगों की है। यहां पर एक मंदिर भी है। हालांकि ये मंदिर किसी धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है और यहां पर सिर्फ लोगा योग करते हैं। ऑरोविले को यूनेस्को ने एक अंतरराष्ट्रीय शहर के रूप में प्रशंसा की है और भारतीय सरकार की ओर से समर्थित भी है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned