डीपीएस छेड़छाड़ मामले में व्याख्याता को हाईकोर्ट ने पास्को एक्ट में दिया स्टे

Satya Narayan Shukla

Publish: Feb, 16 2017 11:11:00 (IST)

Bhilai Nagar, Chhattisgarh, India
डीपीएस छेड़छाड़ मामले में व्याख्याता को हाईकोर्ट ने पास्को एक्ट में दिया स्टे

छेडख़ानी के आरोपी डीपीएस स्कूल के शिक्षक डॉ. रमेश प्रसाद द्विवेदी की ओर से प्रस्तुत परिवाद को हाईकोर्ट ने ग्राह्य कर लिया है।

दुर्ग. छेडख़ानी के आरोपी डीपीएस स्कूल के शिक्षक डॉ. रमेश प्रसाद द्विवेदी की ओर से प्रस्तुत परिवाद को हाईकोर्ट ने ग्राह्य कर लिया है। न्यायमूर्ति महेन्द्र मोहन श्रीवास्तव ने आगामी सुनवाई तक पास्को एक्ट की धारा को स्थगित रखने के निर्देश दिए है। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई अब दो मार्च को होगी। इस प्रकरण की सुनवाई जिला न्यायालय के न्यायाधीश नीलिमा सिंह बघेल की अदालत में विचाराधीन है। आरोपी शिक्षक न्यायिक अभिरक्षा में जेल में है।

हाईकोर्ट में चुनौती दी

डीपीएस स्कूल के शिक्षक डॉ. रमेश प्रसाद द्विवेदी के खिलाफ नेवई पुलिस ने तीन अलग अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत किया है। आरोपी शिक्षक ने पुलिस की इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में जानकारी दी है कि आरोपी शिक्षक पर 354 क और पास्को एक्ट की धारा 11 व 12 लागू नहीं होता।

पुलिस के पास साक्ष्य भी नहीं

पुलिस के पास इस धारा के तहत साक्ष्य भी नहीं है। प्रकरण को पेचिदा करने जानबूझ कर इन धाराओं को लगाया गया है। बचाव पक्ष के इस तर्क से सहमत होते हए न्यायमूर्ति ने निचली अदालत को निर्देश दिए हैं कि वे अगली सुनवाई तक दोनों धाराओं को स्थगित रखे।

धाराए विलोपित होने से मिलेगा जमानत का लाभ
बचाव पक्ष के अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में पुलिस जिस धारा के तहत एफआईआर दर्ज की है उसका साक्ष्य ही नहीं है। प्रस्तुत चालान का अध्यन करने से स्पष्ट है कि उस धारा को जानबूझकर परेशान करने की नीयत से जोड़ा गया है।

एक वर्ष सजा का प्रवधान
प्रकरण को गंभीर बनाने के कारण आरोपी को जमानत का लाभ नहीं मिल रहा है। अगर प्रकरण से दोनो ही धाराएविलोपित हो जाती है धारा 354 में एक वर्ष का सजा का प्रवधान है। आरोपी को न्यायालय से जमानत का लाभ मिल सकता है।

आगामी सुनवाई तक स्थगित

अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने बताया कि हाईकोर्ट ने प्रकरण की दो धाराओं को आगामी सुनवाई तक स्थगित रखने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट में सुनवाई अब दो मार्च को होगी। तब तक जिला न्यायालय में सुनवाई कार्रवाई स्थगित रहेगी।

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