महासचिव बनने इंटक यूनियन नेताओं में मची ऐसी होड़, करने लगे लॉबिंग

Satya Narayan Shukla

Publish: Oct, 19 2016 05:20:00 (IST)

Bhilai, Chhattisgarh, India
महासचिव बनने इंटक यूनियन नेताओं में मची ऐसी होड़, करने लगे लॉबिंग

भिलाई इस्पात संयंत्र में प्रतिनिधि यूनियन को लेकर हुए चुनाव में स्टील एम्पलाइज यूनियन (इंटक) तीसरे स्थान से अब दूसरे नंबर पर आ गई है।

भिलाई.भिलाई इस्पात संयंत्र में प्रतिनिधि यूनियन को लेकर हुए चुनाव में स्टील एम्पलाइज यूनियन (इंटक) तीसरे स्थान से अब दूसरे नंबर पर आ गई है। यही वजह है कि संगठन चुनाव की मांग भीतर से उठने लगी है। नवंबर 16 में चुनाव कराने का फैसला महासचिव ने लिया है। यूनियन के आधा दर्जन से अधिक पदाधिकारी महासचिव बनने बेचैन हैं। वे इसके लिए लॉबिंग भी कर रहे हैं।
टक्कर देने की कोशिश
संगठन चुनाव में वर्तमान महासचिव को अकेले टक्कर देने अगर कोई कोशिश करेगा, तो उसके लिए आसान नहीं होगा। इस बात से पदाधिकारी भी बेखबर नहीं है, यही वजह है कि वे अब अपने साथी पदाधिकारियों को विश्वास में लेने की कोशिश कर रहे हैं। एक दूसरे से मिलकर अपनी दावेदारी को सबसे मजबूत बताने की कोशिश कर रहे हैं। इंटक में  करीब 350 जनरल काउंसिल मेंबर हैं, जो मतदान करेंगे।  वे संयंत्र में 11 जोन में इंटक का किसी न किसी रूप में नेतृत्व करते हैं।

दावेदारों की प्रतिष्ठा दाव पर
संयंत्र में प्रतिनिधि यूनियन चुनाव में इंटक के हक में मतदान करवाने का जिम्मा इनका ही होता है। दावेदार काम को छोड़ बाहरी, स्थानीय जैसे विषय पर इनको विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं कुछ दावेदार इससे उठकर सभी को साथ में चलने व कर्मियों के हक में लडऩे की बात कह रहे हैं। दावेदारों की यूनियन के प्रति निष्ठा, कार्यप्रणाली, कर्मियों के साथ व्यवहार, अपने विभाग में अब तक किए गए कार्य तय करेंगे कि चुनाव में उनकी स्थिति क्या होगी।     

दो पदों पर बन सकती है सर्वसम्मति

इंटक के अध्यक्ष पद पर डॉ. जी संजीवा रेड्डी के नाम पर यूनियन के पदाधिकारी एक मत हैं। इसी तरह से अब कार्यकारी अध्यक्ष पद में सभी एक मत होकर महासचिव एसएम पाण्डेय की ताजपोशी कर सकते हैं। वहीं अन्य पदों पर चुनाव लडऩे के लिए इंटक नेता तैयारी कर रहे हैं। महासचिव पद के दावेदारों में सबसे पहले वर्तमान महासचिव एसएम पाण्डेय हैं। एक दशक तक उन्होंने संगठन को मजबूत किया और अपने शीर्ष नेतृत्व को भी विश्वास में लेकर चले। डीजीएस एसके बघेल अब महासचिव पद के दावेदारों में सबसे पहले नंबर में हैं। दरअसल वे वरिष्ठ हैं, इस वजह से उनकी दावेदारी स्वाभाविक है। इसके अलावा डीजीएस सन्नी इप्पन, एके सिंह, निर्मल मिश्रा, चंद्रशेखर सिंह भी महासचिव पद के लिए प्रमुख दावेदारों में हैं।

इन्होंने पेश की दोवदारी
महासचिव पद के लिए जहां सीनियर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, वहीं दूसरी कतार में खड़े युवा चेहरे भी किसी से पीछे नहीं हैं। वर्तमान महासचिव के बेहद करीबी उप-कोषाध्यक्ष पीवी राव इस पद के लिए प्रबल दावेदार हैं। वे किसी न किसी रूप में संगठन के सदस्यों से संपर्क में रहते हैं। बायोमैट्रिक को लेकर मुहीम चलाने वाले इंटक के प्रवक्ता वंश बहादुर सिंह भी महासचिव पद के दावेदारों में हैं। सचिव संजय साहू लंबे समय से इंटक के कार्यालय में सक्रिय रहे हैं। बीएसपी के हर जोन से सदस्य उनके पास पहुंचते हैं और सदस्यता बुक लेकर जाते हैं। इस वजह से उनकी पैठ भी संयंत्र में बेहतर है।

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