विश्व योग दिवस: 10 हजार साल पुराना भारतीय योग-अमृत, हमने जाना फिर दुनिया को बताया

Satya Narayan Shukla

Publish: Jun, 20 2017 11:47:00 (IST)

Bhilai, Chhattisgarh, India
विश्व योग दिवस: 10 हजार साल पुराना भारतीय योग-अमृत, हमने जाना फिर दुनिया को बताया

चार साल पहले तक 21 जून का दिन पूरी दुनिया में सबसे लंबे दिन के रूप में जाना जाता था, अब इसे योग दिवस के रूप में भी याद किया जाता है।

भिलाई. चार साल पहले तक 21 जून का दिन पूरी दुनिया में सबसे लंबे दिन के रूप में जाना जाता था, अब इसे योग दिवस के रूप में भी याद किया जाता है। 10 हजार साल से भी ज्यादा पुरानी भारतीय परंपरा को अब पूरी दुनिया में मान्यता मिल रही है। हालांकि फिलहाल योग के आठ अंगों में से एक आसन का प्रचलन ज्यादा है, लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि आने वाले दिनों में अन्य सात अंग भी पूरी दुनिया में लोकप्रिय होंगे।

ऐसी हुई वैश्विक शुरूआत
4-5 दिसंबर 2011 को आयोजित 'योग: विश्व शांति के लिए एक विज्ञान सम्मेलन में आया पहली बार 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का विचार।
27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा प्रस्ताव।
193 सदस्य देशों ने प्रस्ताव को दी सहमति।
11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने दी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी
90 दिन में पूर्ण बहुमत से पारित हुआ यह प्रस्ताव। संयुक्त राष्ट्र में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय।

योग में हमने बनाए तीन विश्व रिकॉर्ड
2015 में योग दिवस पर भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाए। इन्हें 'गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड्र्स' में जगह मिली है।
35,985 लोगों ने राजपथ पर एक साथ योग कर, एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के योग करने का रिकॉर्ड बनाया।
84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे इस आयोजन में। यह एक साथ इतने देशों के नागरिकों के योग करने का विश्व रिकॉर्ड है।
91 वर्षीय ग्लाडिस मोरिस (ब्रिटेन) के नाम सबसे बुर्जुग योग शिक्षक का रिकॉर्ड है। उन्हें 2016 में मान्यता दी गई।।

प्राचीन साहित्य से लेकर अब तक
196 योग सूत्र हैं प्रचीन भारतीय साहित्य में।06 शताब्दी पूर्व कठोपनिषद में आया पहली बार आधुनिक अर्थों में योग का जिक्र। 84 प्राचीन आसान हैं योग के। योग के आठ अंगों में से एक है आसन। 1040 अरब रु. खर्च करते हैं अमरीकी हर साल योग पर 2012 में योग नाम का टैबलैट लॉन्च हुआ। अब तक 15 वर्जन आ चुके हैं।

भगवान शिव से लेकर स्वामी विवेकानंद तक
भगवान शिव ने मिथकों में योग के ईश्वर। उन्हें आदि योगी यानी पहला गुरु भी माना गया है। मान्यता है कि शिव ने ही सप्त ऋषियों को योग का ज्ञान दिया। योग के पिता के रूप में माना जाता है। ईसा से दो हजार साल पहले जन्म। महर्षि पतांजलि योग सूत्र के माध्यम से योग की विभिन्न धाराओं को ग्रंथ रूप दिया।

बीकेएस अयंगर आधुनिक योग शिक्षकों में सबसे अहम। दुनिया में योग का प्रचार किया। उनकी योग विधि को अयंगर नाम दिया गया है।  स्वामी विवेकानंद पश्चिमी दुनिया का परिचय योग से कराने वाले शख्स हैं। उन्होंने पश्चिमी जगत के सामने पहली बार वेदांत और योग के भारतीय दर्शन को रखा।  

वैदिक काल से पुरातन
योग की चिंतन परंपरा का सबसे ताजा उल्लेख नासदीय सूक्त में जबकि सबसे पुराना उल्लेख ऋग्वेद में पाया जाता है। प्राचीनतम उपनिषद, बृहदअरण्यक में भी योग का हिस्सा बन चुकी कई शारीरिक क्रियाओं का उल्लेख है।

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