विधानसभा की तर्ज पर निगम की सामान्य सभा, 30 पार्षद पूछेंगे 60 सवाल

Satya Narayan Shukla

Publish: Dec, 01 2016 10:00:00 (IST)

Durg, Chhattisgarh, India
विधानसभा की तर्ज पर निगम की सामान्य सभा, 30 पार्षद पूछेंगे 60 सवाल

विधानसभा की तर्ज पर प्रश्नकाल की व्यवस्था के बाद निगम की सामान्य सभा की पहली बैठक शुक्रवार को होगी। इससे पहले मार्च में सामान्य सभा हुई थी।

दुर्ग. विधानसभा की तर्ज पर प्रश्नकाल की व्यवस्था के बाद निगम की सामान्य सभा की पहली बैठक शुक्रवार को होगी। इससे पहले मार्च में सामान्य सभा हुई थी। नौ माह के अंतराल के बाद इस बार महज दो एजेंडे पर चर्चा होगी। नई व्यवस्था के तहत पार्षदों द्वारा पूछे गए सवालों पर सदन में जवाब दिया जाएगा। इसके लिए 30 पार्षदों ने 60 सवाल पूछे हैं।

बैठक हंगामेदार होने के आसार

व्यवस्था में बदलाव के बाद भी इस बार बैठक हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्ष ने पुराने मामलों पर सत्तापक्ष और आयुक्त को घेरने का पहले ही ऐलान कर दिया है। बैठक के लिए सत्ताधारी दल भाजपा के अलावा विपक्षी कांग्रेस और निर्दलीयों ने भी अलग-अलग बैठक कर रणनीति तैयार की है। कांग्रेसियों ने एक दिन पहले विधायक अरुण वोरा के नेतृत्व में बैठक आयोजित कर रणनीति तैयार की।

निगम प्रशासन ने जवाबों की समीक्षा की

इसमें सदन में चाही गई जानकारी घोषणा के बाद भी नहीं दिए जाने के मामले में सत्ताधारी दल के बजाए आयुक्त को घेरने की बात कही है। सत्ताधारी दल भाजपा ने भी गुरुवार को नया जलघर परिसर में बैठक कर विपक्षियों के सवालों का मजबूती के साथ उत्तर देने की रणनीति तैयार की। इसमें महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने अधिकारियों को भी तलब कर जानकारी ली। निगम प्रशासन ने भी सवालों के जवाबों की समीक्षा की।

गंभीर मुद्दे एजेंडे से गायब
अब तक बैठकें जनहित के मुद्दों पर चर्चा के बजाए राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की भेंट चढ़ती रही है। इससे बचने इस बार विधानसभा की तरह प्रश्नकाल की व्यवस्था की गई है। इसके बाद भी बैठकें पुराने ढर्रे पर चलने की आशंका व्यक्त की जा रही है। दरअसल पार्षदों द्वारा पूछे गए सवालों पर प्रतिप्रश्न को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा कई गंभीर मुद्दे एजेंडे से गायब हैं।

ईडब्ल्यूएस की जमीन पर फोकस
निजी कालोनियों में ईडब्ल्यूएस की जमीन का मामला इस बार सदन में जोरशोर से उठने की संभावना है। कांग्रेस पार्षद दल ने पहले ही इस मुद्दे को उठाने के साथ पहले घोषणा के बाद जवाब नहीं देने पर आयुक्त को घेरने का ऐलान कर रखा है। निर्दलीय पार्षदों ने भी मामले में घोषणा के बाद भी जांच कमेटी नहीं बनाए जाने का मामला उठाने की बात कही है।

सत्ताधारी दल के पार्षद भी उठाएंगे सवाल
अब तक सदन में दलीय निष्ठा के चलते सत्ताधारी दल के पार्षद बैठकों में केवल प्रभारियों व अधिकारियों में हामी भरने अथवा शोर-शराबे में शामिल होते थे। इस बार उनके भी मुखर होने की संभावना है। सत्ताधारी दल की ओर से भी तीन पार्षदों ने सवाल पूछें हैं। इनमें बाजार विभाग के प्रभारी शिवेन्द्र परिहार भी शामिल हैं।

जिम सामन मामले में भी बगावती तेवर के आसार
जिम में घटिया सामान सप्लाई को लेकर सामान्य सभा में सत्ताधारी दल में फूट के आसार हैं। इस मामले में पार्षद अरुण सिंह पहले ही मुखर हंै। पिछले दिनों उन्होंने मामले में न सिर्फ निगम कार्यालय का घेराव किया, बल्कि घटिया सामान निगम कार्यालय में पटककर आ गए। अब विपक्षी इस मुद्दे को शहर के अन्य क्षेत्रों में बने जिम से जोड़कर गरमाने के फिराक में है।

सवालों के मामले में अपने वार्डों में सिमटे कई पार्षद
विधानसभा की तर्ज पर सवाल पूछे जाने की व्यवस्था में इस बार 60 में से केवल 30 पार्षद ही शामिल हुए। इनमें से भी अधिकतर पार्षद अपने वार्ड तक ही सिमट कर रह गए। गिनती के व अनुभवी पार्षद ही शहर से जुड़े गंभीर मुद्दे पर सवाल किए हैं। कई पार्षदों ने तो सामान्य रूप से पूछे जा सकने वाले सवाल भी प्रश्नकाल के लिए रखे हैं।

ये महत्वपूर्ण मुद्दे जो एजेंडे से गायब
शंकर नाला का सुदृढीकरण, मल्टीलेबल शॉपिंग कॉम्पलेक्स, निगम कार्यालय निर्माण, सड़कों का डामरीकरण, जिम के घटिया सामान, सफाई व शौचालय निर्माण, दुकानों व गुमटियों का आवंटन, पुलगांव नाले का गंदा पानी, शहर के भीतर संचालित खटाल, सड़कों पर अतिक्रमण व यातायात व्यवस्था, चौक-चौराहों का सौदर्यीकरण व सिग्नल की व्यवस्था।

नई व्यवस्था से यह फायदा
किसी विषय को एजेंडे में नहीं रखा गया तो सदस्य सवालों के माध्यम से जवाब प्राप्त कर सकेगा। इससे सत्ताधारी दल की मनमानी खत्म होगी। सवालों का जवाब सदस्यों को लिखित में दिया जाएगा। इससे संबंधितों की जवाबदेही भी तय हो जाएगी। बाद में जवाब से मुकर जाने जैसी स्थिति भी नहीं बनेगी।

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