तिहाड़ जेल से लाए PICL चिटफंड के डायरेक्टर्स से पुलिस पूछेगी छत्तीसगढ़ के पैसों को कहां उड़ा दिया

Durg, Chhattisgarh, India
तिहाड़ जेल से लाए PICL चिटफंड के डायरेक्टर्स से पुलिस पूछेगी छत्तीसगढ़ के पैसों को कहां उड़ा दिया

कम समय में अधिक मुनाफा का लालच देकर राशि निवेश के मामले में दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद पीआईसीएल कंपनी के तीन डायरेक्टर्स को दिल्ली पुलिस ने दुर्ग न्यायालय में प्रस्तुत किया।

दुर्ग. कम समय में अधिक मुनाफा का लालच देकर राशि निवेश के मामले में दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद पीआईसीएल कंपनी के तीन डायरेक्टर्स को दिल्ली पुलिस ने दुर्ग न्यायालय में प्रस्तुत किया। डीजे आरके अग्रवाल ने आरोपी दिल्ली निवासी सुब्रतो भट्टाचार्य (54 वर्ष), गुरमीत सिंह (51 वर्ष) व गुडग़ांव निवासी सुखदेव सिंह (56 वर्ष) को एक दिन का पुलिस रिमांड दिया। पूछताछ के लिए रानीतराई पुलिस ने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था।

दुर्ग जिले में कितने हितग्राहियों से निवेश

पुलिस ने आवेदन में उल्लेख किया था कि न्यायालय में प्रस्तुत तीनों आरोपी कंपनी के डॉयरेक्टर हैं। हितग्राहियों का पैसा कहां निवेश किया, किस बैंक में जमा है उस बारे में पूछताछ आवश्यक है। दुर्ग जिले में कितने हितग्राहियों से निवेश करवाया है इसकी भी जानकारी लेना है। पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को रानीतराई पुलिस बुधवार को न्यायालय में प्रस्तुत करेगी।

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यह है प्रकरण

ग्राम सुरपा निवासी पोषन सिन्हा ने रानीतराई थाना में शिकायत की है कि उन्होंने इस कंपनी में 1.10 लाख रुपए जमा किया था। रुपए को आठ साल के लिए फिक्स किया था। कंपनी ने ब्याज के रुप में मोटी रकम देने की बात कही थी। ब्याज तो दूर मूल धन भी नहीं मिला। इस शिकायत पर पुलिस ने वर्ष 2016 में एफआईआर दर्ज कर रायुपर ब्रांच आफिस के कर्मचारी मुकुंद सिन्हा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि कंपनी का हिसाब डॉयरेक्टर द्वारा किया जाता है। पूछताछ के बाद पुलिस ने मुकुंद को न्यायायिक रिमांड में जेल भेज दिया।

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दुर्ग न्यायालय में प्रस्तुत किया

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी तिहाड़ जेल में बंद है। उनके खिलाफ दिल्ली, आगरा, मथुरा समेत अन्य राज्यों में भी अपराध दर्ज है। इस जानकारी के बाद रानीतराई पुलिस ने आरोपियों को दुर्ग न्यायालय में प्रस्तुत करने जिला न्यायालय से प्रोटक्शन वारंट जारी कराया था। प्रोटक्शन वारंट के आधार पर ही दिल्ली पुलिस के एसआई मंगल सिंह व आधा प्रधान आरक्षकों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मंगलवार को आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।

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रायुपर, आरंग, कोरबा व अन्य जिलों में भी एफआईआर

लोक अभियोजक सुदर्शन महलवार ने बताया कि रानीतराई थाना में केवल एक अपराध है। आरोपी डायरेक्टर के खिलाफ रायुपर, आरंग, कोरबा व अन्य जिलों में भी एफआईआर दर्ज है। पुलिस को शंका है कि कंपनी में सैकड़ों हितग्राहियों ने करोड़ों रुपए निवेश किया है। सेबी के निर्देश पर लोढ़ा कमेटी ने कंपनी की सारी संपत्ती को सीज कर लिया है। अब तक 45 करोड़ रुपए हड़पने की शिकायत सामने आई है।

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