महापौर को भी मानना पड़ा कि निगम में चल रही ठेकेदारों की मनमानी

Durg, Chhattisgarh, India
महापौर को भी मानना पड़ा कि निगम में चल रही ठेकेदारों की मनमानी

नगर निगम में ठेकेदारों की मनमानी पर महापौर ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। सबइंजीनियर को सूचना दिए बिना कार्य शुरू करने वाले ठेकेदारों का ठेका निरस्त करने कहा।

दुर्ग. नगर निगम में ठेकेदारों की मनमानी पर महापौर ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। सबइंजीनियर को सूचना दिए बिना विकास कार्य शुरू करने वाले ठेकेदारों का ठेका निरस्त करने की कार्रवाई करने कहा। महापौर ने लोक कर्म विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागीय अफसरों की क्लास लेते हुए कहा कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सफाई व्यवस्था में अफसरों और कामगारों की लापरवाही की शिकायतों पर भी महापौर ने नाराजगी जताई।

ठेकेदारों की मनमानी नहीं चलेगी

विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कई सबइंजीनियरों ने बताया कि ठेकेदार ले-आउट लिए बगैर सड़क-नाली का निर्माण शुरू कर देते हैं। सबइंजीनियर को सूचना दिए बगैर काम शुरू होने पर महापौर ने कहा कि ठेकेदारों की मनमानी नहीं चलेगी। निर्माण कार्यों में लेटलतीफी या मनमानी करने पर ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

ठेकेदारों का काम तत्काल बंद कराएं

महापौर ने कहा कि ठेकेदारों से निर्धारित समयसीमा में बेहतर क्वालिटी से विकास कार्य कराना सबइंजीनियर की जिम्मेदारी है। बिना सूचना दिए काम शुरू करने वाले ठेकेदारों का काम तत्काल बंद कराएं। महापौर ने ऐसे ठेकेदारों को नोटिस जारी करने कहा। ठेकेदारों के खिलाफ होने वाली विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट से अवगत कराने कहा।   

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शिलान्यास पत्थर लगाए जाएं

उन्होंने कहा जिन वार्डों में सड़क, नाली निर्माण या अन्य विकास कार्य हो रहे हैं वहां के निवासियों को विकास कार्य की जानकारी देने शिलान्यास पत्थर लगाए जाएं। समीक्षा के दौरान लोक कर्म प्रभारी दिनेश देवांगन, ईई एके दत्ता, सबइंजीनियर आरके पालिया, जगदीश केशरवानी, गिरीश दीवान, स्वास्थ्य अधिकारी बीएल केशरवानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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बिना काम सफाई कामगारों की हाजिरी  

सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महापौर ने स्वास्थ्य अधिकारी से सवाल किया कि पर्याप्त सफाई कामगार होने के बावजूद सफाई को लेकर शिकायतें क्यों मिल रही हंै। जगह जगह नालियों में कचरा भरा है। नालियों से निकला मलमा व कचरा कई दिनों तक पड़ा रहता है। सप्ताह में एक दिन तालाब की सफाई कराने के निर्देश का पालन भी नहीं हो रहा।

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बगैर कामगारों की हाजिरी कैसे लग रही

महापौर ने कहा कि सफाई कामगार ऑनलाइन उपस्थिति देने के बाद घर चले जाते हैं और दोपहर 2 बजे लौटकर दोबारा उपस्थिति देते हैं। उन्होंने सवाल किया कि काम किए बगैर कामगारों की हाजिरी कैसे लग रही है। महापौर ने स्वास्थ्य अधिकारी से इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने कहा है। ऐसे कामगारों को बर्खास्त किया जाएगा।

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