पत्नी को हमेशा के लिए सुला दिया, अब जेल में कटेगी जिंदगी

Satya Narayan Shukla

Publish: Dec, 01 2016 06:33:00 (IST)

Durg, Chhattisgarh, India
पत्नी को हमेशा के लिए सुला दिया, अब जेल में कटेगी जिंदगी

पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद पत्नी की हत्या करने के  प्रकरण में आठ माह बाद न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी ने गुरुवार को फैसला सुनाया।

दुर्ग. पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद पत्नी की हत्या करने के  प्रकरण में आठ माह बाद न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी ने गुरुवार को फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने धमधा ब्लॉक के ग्राम नवागांव बानी निवासी बिरेन्द्र कुमार पिता नारायण धु्रवे 45 साल को दोषी ठहराया है। उसे हत्या की धारा के तहत आजीवन कारावास और एक हजार रुपए जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा होगी।

गला दबाकर हत्या
प्रकरण के मुताबिक 28 मार्च 2016 को बिरेन्द्र ने पत्नी सविता का गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद वह शव को खाट में छोड़ थाना पहुंचकर आत्म समर्पण कर दिया था। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी थी कि उसकी पत्नी बात बात में विवाद करती है। समझाने के बाद भी उन पर कोई असर नहीं पड़ता था।

रात भर शव के पास बैठा रहा

रात लगभग  10 बजे सविता पहले शराब का सेवन की उसके बाद विवाद शुरु कर दिया। विवाद के दौरान वह शांत था। जैसे ही वह रात लगभग सवा 11 बजे सविता सोई बिरेन्द्र ने उसका गला दबा दिया। और रात भर अपनी पत्नी के शव के पास बैठा रहा।

20 किलोमीटर पैदल चला

आरोपी रोजगार सहायक के रुप में गांव में ही काम करता था, लेकिन पत्नी के साथ आए दिन विवाद होने के कारण नौकरी छोड़ दी थी। बाद में वह पैतृक जमीन पर खेती करने लगा। हत्या के बाद वह अलसुबह घर में किसी को बिना बताए थाना के लिए निकल पड़ा। 20 किलोमीटर पैदल चलकर जब वह धमधा थाना पहुंचा और आत्मसमर्पण किया। मामले का खुलासा होने के बाद धमधा पुलिस आरोपी को लेकर नवागांव बानी पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई की।

तीन बच्चों की मां सविता

सविता का विवाह 10 साल पहले हुआ था। सविता बेमेतरा जिला के मोहभठ्ठा निवासी थी। वह तीन बच्चों की मां थी। घटना के समय उसके बच्चे अलग-अलग कमरे में सो रहे थे। विवाद के दौरान कमरे में केवल पति पत्नी ही थे।

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