बजट सत्र सोमवार से,विपक्षी पार्टियां कर सकती हैं हंगामा

Amanpreet Kaur

Publish: Feb, 21 2015 10:32:00 (IST)

Economy
बजट सत्र सोमवार से,विपक्षी पार्टियां कर सकती हैं हंगामा

मोदी सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की फिराक में है विपक्षी दल

नई दिल्ली। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों के तेवर व पेट्रोलियम मंत्रालय में जासूसी होने के खुलासे को देखते हुए सोमवार से शुरू संसद के बजट सत्र के खासा हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्षी दल इस सत्र में मोदी सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की फिराक में है, जबकि सरकार ने इसमें छह अध्यादेशों के स्थान पर विधेयक लाकर उन्हें पारित कराने समेत भारी भरकम एजेन्डा तैयार किया है। विपक्ष ने भूमि अधिग्रहण, कोयला तथा बीमा संशोधन अध्यादेशों को लेकर अपने विरोध की जमीन पहले ही तैयार कर रखी है।

इसके अलावा वह विदेशों से काला धन वापस लाने का वादा पूरान करने, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी कमी के बावजूद इसका लाभ आम आदमी तक नहीं पहुंचाने, किसानों को यूरिया खाद की भारी किल्लत, धर्मातरण और कुछ धर्मस्थलों पर हमले और महंगाई जैसे मुद्दों को भी जोर शोर से उठाएगा। सत्र शुरू होने से ठीक पहले पेट्रोलियम मंत्रालय में जासूसी होने का खुलासा होने तथा इस सिलसिले में निजी कंपनियों के बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी निश्चित रूप से इस सत्र के दौरान छाई रहेगी।

इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे को कटघरे में खड़ा करने का कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। विपक्षी दल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान परमाणु समझौते के क्रियान्वयन के लिए हुई सहमति का ब्योरा सार्वजनिक न करने पर भी सरकार को घेरने का मन बनाए हुए हैं। राज्यसभा में सरकार का बहुमत नहीं होने के कारण उसे कुछ विधेयकों को पारित कराने में भारी दिक्कत हो सकती है। सरकार को इस सत्र में भूमि अधिग्रहण, बीमा संशोधन, कोयला, खान एवं खनिज, नागरिकता संशोधन तथा ई रिक्शा से जुड़े छह अध्यादेशों के स्थान पर विधेयक पारित कराने हैं।

इनके साथ ही उसने करीब 20 विधेयक पारित कराने की योजना बनाई हुई है। कांग्रेस तथा कई अन्य विपक्षी दल भूमि अधिग्रहण अध्यादेश का खुलकर विरोध कर रहे हैं और कह चुके हैं कि वे इसे पारित नहीं होने देंगे। कांग्रेस इस मुद्दे पर विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन भी कर चुकी है। इसी सप्ताह भूमि अधिग्रहण को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले हैं। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने का कार्यक्रम बना रहे हैं। पार्टी ने हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भी इसे बड़ा मुद्दा बनाया था।

तृणमूल कांग्रेस बीमा संशोधन विधेयक का विरोध करने की घोषणा कर चुकी है जिसमें बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 फीसदी की गई है। कोयला विधेयक सरकार लोक सभा में पिछले सत्र में पारित करा चुकी है लेकिन इसे राज्य सभा में नहीं लाया जा सका था। राज्यसभा में विपक्ष अपनी ताकत और एकजुटता पिछले मॉनसून सत्र में दिखा चुका है। धर्मातरण तथा भाजपा के मंत्रियों तथा कुछ अन्य नेताओं के विवादास्पद बयानों पर विपक्ष ने कुछ दिन सदन की कार्यवाही का चक्का जाम कर दिया था जिसके कारण कई महत्वपूर्ण विधेयक लटक गए थे।

दिल्ली में विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद विपक्ष का मनोबल बढ़ा हुआ है और वह एक बार फिर संसद में लामबंद होकर अपनी एकजुटता का परिचय देने की कोशिश में है। सरकार भी अपनी तरफ से सदन के भीतर की रणनीति तय करने में जुटी हुई है। वह विभिन्न दलों से संपर्क बनाकर महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की जुगत में है। ऎसी भी रिपोर्ट हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस बारे में बात की जाएगी तथा सहयोग मांगा जाएगा।

संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है जिसमें सभी के साथ संसद के सुचरू संचालन के बारे में चर्चा की जाएगी। मोदी सरकार का यह पहला पूर्ण बजट सत्र है। सत्र की शुरूआत 23 फरवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। सरकार 26 फरवरी को रेल तथा 28 को आम बजट पेश करेगी।

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