मार्च से पहले नकदी की स्थिति दुरुस्त नहीं होगी: नोमूरा

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मार्च से पहले नकदी की स्थिति दुरुस्त नहीं होगी: नोमूरा

नोटबंदी का असर अभी भी दिखाई दे रहा है और अर्थव्यवस्था में नकदी की स्थिति मार्च तक पर्याप्त होने की उम्मीद नहीं है। नोमूरा की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नकदी की कमी से अगले दो महीने तक मात्रा के हिसाब से व्यापार कम होने के आसार हैं। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में निर्यात की वृद्धि दिसंबर के 5.72 प्रतिशत से कम है। 

नई दिल्ली. नोटबंदी का असर अभी भी दिखाई दे रहा है और अर्थव्यवस्था में नकदी की स्थिति मार्च तक पर्याप्त होने की उम्मीद नहीं है। नोमूरा की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नकदी की कमी से अगले दो महीने तक मात्रा के हिसाब से व्यापार कम होने के आसार हैं। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में निर्यात की वृद्धि दिसंबर के 5.72 प्रतिशत से कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मात्रा के हिसाब से भारतीय निर्यात में कमी से पता चलता है कि नोटबंदी का असर अभी भी नकदी आधारित क्षेत्रों पर कायम है।

नोमूरा के शोध नोट में कहा गया है कि हम इसकी व्याख्या प्रतिस्पर्धा में कमी के संकेतक के रूप में नहीं कर रहे हैं। नोमूरा इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री सोनल वर्मा ने नोट में कहा है कि हमारा अनुमान है कि व्यापार की मात्रा अभी एक या दो महीने और कम रहेगी, क्योंकि अर्थव्यवस्था में नकदी का स्तर मार्च के अंत से पहले पर्याप्त होने की उम्मीद नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी की अवधि में निर्यात 220.92 अरब डालर रहा जो इससे एक साल पहले समान अवधि से करीब एक प्रतिशत अधिक है।

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