कृषि वैज्ञानिकों के प्रयास से खाद्यान्न उत्पादन में भारी वृद्धि :राधामोहन

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कृषि वैज्ञानिकों के प्रयास से खाद्यान्न उत्पादन में भारी वृद्धि :राधामोहन

 कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कृषि और उससे सम्बद्ध क्षेत्रों में तेजी से विकास के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.प.) की सराहना करते हुए कहा कि 1951 से लेकर अब तक देश के खाद्यान्न उत्पादन में लगभग पांच गुणा , बागवानी उत्पादन में 9.5 गुणा , मत्स्य उत्पादन में 12.5 गुणा , दूध उत्पादन में 7.8 गुणा और अंडा उत्पादन में 39 गुणा की वृद्धि हुई है । 

नई दिल्ली। कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कृषि और उससे सम्बद्ध क्षेत्रों में तेजी से विकास के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.प.) की सराहना करते हुए कहा कि 1951 से लेकर अब तक देश के खाद्यान्न उत्पादन में लगभग पांच गुणा , बागवानी उत्पादन में 9.5 गुणा , मत्स्य उत्पादन में 12.5 गुणा , दूध उत्पादन में 7.8 गुणा और अंडा उत्पादन में 39 गुणा की वृद्धि हुई है । सिंह ने गुरुवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद सोसायटी की 88 वीं वार्षिक आम बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस संस्थान ने मुश्किल चुनौतियों के बावजूद 87 साल के अपने अब तक के कार्यकाल में अनेक सफलताएं हासिल की है जिन्हें कृषि की प्रगति में मील का पत्थर कहा जा सकता है। 

खेती बाड़ी में उत्पादकता और आय में वृद्धि, संस्थान निर्माण, मानव संसाधन, नई तकनीकों का विकास, कृषि विविधीकरण जैसे क्षेत्रों में आईसीएआर ने सफलता के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार, पांच सालों में किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है । इस बार के बजट में कृषि के समग्र विकास पर फोकस किया गया है जिसमें किसानों को वहन करने योग्य कर्ज उपलब्ध कराने, बीजों और उर्वरकों की सुनिश्चित आपूर्ति, सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से उत्पादकता में सुधार लाने, ई-नैम के माध्यम से एक सुनिश्चित बाजार और लाभकारी मूल्य दिलाने पर जोर दिया गया है।

किसानों की खुशहाली के लिए बजट में कई पहल

कृषि की बेहतरी और किसानों की खुशहाली के लिए सरकार ने बजट में कई पहल की हैं । पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 2017-18 के बजट में ग्रामीण , कृषि और सम्बद्ध क्षेत्र के लिए 24 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए इसे 1,87, 223 करोड़ रुपए किया गया है। आगामी वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र की प्रगति दर 4.1 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में अच्छे मानसून और सरकार की नीतिगत पहल के कारण इस वर्ष में देश में खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। 
वर्ष 2016-17 के लिए दूसरे अग्रिम आकलन के अनुसार देश में कुल 27 करोड़ 19 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान है जो वर्ष 2013-14 में रिकार्ड उत्पादन 26 करोडड़ 50 लाख टन की तुलना में लगभग 70 लाख टन ज्यादा है । वर्ष 2015-16 के मुकाबले वर्ष 2016-17 का उत्पादन उल्लेखनीय रूप से दो करोड़ चार लाख टन अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बार रबी में 2015-16 की तुलना में गेहूं में 7.71 प्रतिशत , दलहन में 12.96 प्रतिशत और तिलहन में 10.65 प्रतिशत ज्यादा बुआई हुई है।

कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति

उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि वैज्ञानिकों ने अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास करके हरित क्रांति लाने और उत्तरोत्तर कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कृषि मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दलहन वर्ष 2016 में देशभर में दलहन के 150 बीज हब स्थापित किए गए हैं। कम समय में परिपक्व होने वाली मूंग की किस्म'आईपीएम 205-7 (विराट) को खेती के लिए जारी किया गया। कृषि क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहन देने के प्रयासों में पिछले ढाई वर्ष में उल्लेखनीय प्रगति हुई है । वर्ष 2012 से मई 2014 तक जहां विभिन्न फसलों की कुल 261 नई किस्में जारी की गई थीं वहीं लगभग इतनी ही अवधि जून, 2014 से दिसम्बर 2016 तक कुल 437 नई किस्में जारी की गयी।

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