ग्रामोदय अभियान पर छाया संकट, कर्मचारियों की हड़ताल से पंचायतों में डले ताले

Shribabu Gupta

Publish: Apr, 16 2017 06:35:00 (IST)

Employee Corner
ग्रामोदय अभियान पर छाया संकट, कर्मचारियों की हड़ताल से पंचायतों में डले ताले

पटवारी, राजस्व निरीक्षक, कोटवार, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और पंचायत सचिवों के बहिष्कार से जिले के कई पंचायत कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा...

मध्यप्रदेश/छिंदवाड़ा। अधिकारी-कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामोदय से भारत उदय अभियान पहले दिन शुक्रवार से ही संकट में आ गया। पटवारी, राजस्व निरीक्षक, कोटवार, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और पंचायत सचिवों के बहिष्कार से जिले के कई पंचायत कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा। शनिवार को शुरू हो रहे द्वितीय चरण की ग्राम सभाओं में भी यहीं स्थिति नजर आएगी।

इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ पंचायत कार्यालयों में संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर पुण्य स्मरण के साथ होना था और ग्रामीणों को प्रधानमंत्री के भाषण का टीवी प्रसारण भी दिखाना था। पंचायत सचिवों के बहिष्कार के चलते एेसा अधिकांश स्थलों पर नहीं हो सका।

इस कार्यक्रम में पटवारी, कोटवार और राजस्व निरीक्षक तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जैसे मैदानी कर्मचारी भी शामिल नहीं हो पाए। ये कर्मचारी लम्बे समय से वेतनमान संबंधी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन रत है। उन्होंने हड़ताल भी शुरू कर दी है। इससे ग्रामोदय अभियान में घर-घर जनसंपर्क, ग्राम सभाएं जैसे कार्यक्रम प्रभावित होंगे।

सचिवों की हड़ताल से नहीं खुले ताले
इस अभियान के महत्वपूर्ण अंग पंचायत सचिवों ने शुक्रवार को पूरे जिले में अभियान का सामूहिक बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी। मोहखेड़ और हर्रई में भी ज्ञापन सौंपे गए। पंचायत सचिव संगठन के जिलाध्यक्ष प्रहलाद उसरेठे और प्रांतीय महामंत्री अशोक विश्वकर्मा ने बताया कि पूरे जिले में पंचायत सचिवों ने प्रांतीय आह्वान पर हड़ताल शुरू कर दी है। कोई भी सचिव ग्रामोदय अभियान में काम नहीं करेगा। इससे अधिकांश पंचायतों में ताले नहीं खुल पाए। सोमवार को जिला मुख्यालय में धरना शुरू कर दिया जाएगा। शासन से मांगे मानी जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।

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