अब सुपरमार्केट में बिकेगा बचा हुआ खाना

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अब सुपरमार्केट में बिकेगा बचा हुआ खाना

 जर्मनी में एक ऐसा  सुपरमार्केट खोला गया है, जहां ऐसे खाने को बेचा जाता है, जिसे लोग खराब समझकर या तो फेंक देते हैं या इस्तेमाल नहीं करते हैं। 

बर्लिन. एक तरफ दुनियाभर में लाखों लोग भूखे पेट सो जाते हैं, वहीं कई देशों व शहरों में बड़े पैमाने पर खाने की बर्बादी भी होती है। इसी को ध्यान में रखकर जर्मनी में एक ऐसा  सुपरमार्केट खोला गया है, जहां ऐसे खाने को बेचा जाता है, जिसे लोग खराब समझकर या तो फेंक देते हैं या इस्तेमाल नहीं करते हैं। 

आकर्षण का बना केन्द्र
जर्मनी के कोलोन में हाल में खोला गया "द गुड फूड" खाने के शौकीनों से लेकर इसके बचाने वालों तक के लिए एक आकर्षक केंद्र बनता जा रहा है। 4 फरवरी को खोली गई इस दुकान में सब्जियों से लेकर शराब तक सब उपलब्ध है। फर्क बस इतना है कि यह सब वैसा सामान है, जिसे कभी लोगों ने कूड़ा या बेकार समझकर फेंक दिया था। जर्मनी में खोली गई यह पहली ऐसी दुकान है और यूरोपीय संघ में तीसरी। लोगों का मानना है कि खाने की बर्बादी रोकने की दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम है लेकिन सामाजिक जागरुकता की दिशा में बढ़ाया गया बड़ा कदम है।

किसी सामान का कोई फिक्स दाम नहीं
इस सुपरमार्केट की एक और खास बात है कि यहां पर किसी भी चीज के दाम तय नहीं हैं। ग्राहक अपने मन-मुताबिक किसी भी सामान का कोई भी दाम दे सकता है। दुकान खोलने वाली निकोल कलास्की बताती हैं कि मेरा उद्देश्य इससे लाभ कमाना नहीं, बल्कि भोजन बचाना है। इसलिए किसी भी सामान पर कोई मूल्य नहीं है।

ऐसी है हमारी दुनिया का हाल
संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में हर वर्ष पैदा किया गया एक तिहाई भोजन बेकार चला जाता है। अगर बेकार हो जाने वाले इस भोजन का एक चौथाई हिस्सा भी बचा लिया जाए तो करीब 90 करोड़ भूखे लोगों का पेट आसानी से भरा जा सकेगा। अकेले यूरोपीय संघ के 28 देशों में कुल मिलाकर प्रतिवर्ष 8.8 करोड़ टन खाना बर्बाद होता है। बताया जाता है कि अगर इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो तो 2020 तक यह मात्रा बढ़कर 12.6 करोड़ टन हो जाएगी।

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