फिर बढ़ा साइबर अटैक का खतरा, कंपनियों में हड़कंप

Europe
फिर बढ़ा साइबर अटैक का खतरा, कंपनियों में हड़कंप

 साइबर सुरक्षा शोध से जुड़ी एक संस्था ने रविवार को चेतावनी दी है कि सोमवार को फिरौती के लिए फिर बड़ा साइबर हमला हो सकता है। ब्रिटेन के सुरक्षा शोधकर्ता मालवेयर टेक ने यह चेतावनी दी है। 

लंदन. साइबर सुरक्षा शोध से जुड़ी एक संस्था ने रविवार को चेतावनी दी है कि सोमवार को फिरौती के लिए फिर बड़ा साइबर हमला हो सकता है। ब्रिटेन के सुरक्षा शोधकर्ता मालवेयर टेक ने यह चेतावनी दी है। मालवेयर टेक ने रैनसमवेयर हमले को सीमित करने में मदद की है। इससे पहले भारत समेत कई देशों में शुक्रवार को रैनसमवेयर मालवेयर से कुछ ही घंटों में लाखों साइबर हमले किए गए थे। चेतावनी के बाद कंपनियों और संस्थानों में हड़कंप है कि कहीं सोमवार को कंप्यूटरों को खोलने पर फिर से रैनसमवेयअर का हमला न हो जाए। इसके चलते कार फैक्ट्रियों, अस्पतालों, दुकानों और स्कूलों के टेक्निकल स्टाफ रविवार को इन्फेक्टेड कंप्यूटरों को रीस्टोर करने और बाकियों को सुरक्षा के लिहाज से और चुस्त-दुरुस्त बनाने में युद्धस्तर पर जुट गए हैं।

इसे हम नहीं रोक पाएंगे
वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक डोमेन का रजिस्ट्रेशन कराए जाने के बाद मालवेयर टेक का आकस्मिक हीरो के तौर पर स्वागत किया गया है। हालांकि, मालवेयर टेक अपनी पहचान नहीं जाहिर करना चाहता। 22 वर्षीय व्यक्ति ने रविवार को कहा कि अभी हमने इसे रोक दिया है, लेकिन कोई दूसरा आ रहा है और इसे हम नहीं रोक पाएंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास इस काम को करने के अच्छे मौके हैं। इस वीकेंड नहीं, लेकिन इसे सोमवार सुबह तक करने की संभावना है। उन्होंने ट्वीट किया कि वानाक्राइ का पहला वर्जन रोक दिया गया, लेकिन दूसरे वर्जन को शायद ही हटाया जा सके। इस हमले से आप तभी सुरक्षित हैं, यदि आप जल्द-से-जल्द मरम्मत कर सकें।

150 देशों के दो लाख कंप्यूटर हुए प्रभावित
यूरोपीय यूनियन की एजेंसी यूरोपोल के प्रमुख रॉब वेनराइट ने कहा है कि शुक्रवार के साइबर हमले ने 150 देशों के दो लाख से ज्यादा सिस्टम को प्रभावित किया है। वेनराइट ने कहा कि उन्हें इस बात की फिक्र है कि सोमवार सुबह जब लोग काम पर लौटेंगे तो साइबर हमले से प्रभावितों संख्या में इजाफा होगा। हालांकि उन्होंने बताया कि अब तक हमले के पीडि़तों में से कुछ ने ही फिरौती दी है।

भारत के 70 फीसदी एटीएम है निशाने पर
भारत में करीब 70 फीसदी एटीएम आउटडेटेड विंडोज एक्सपी का इस्तेमाल करते हैं। जिसका पूरा नियंत्रण उन वेंडर्स के पास होता है जो बैंकों को ये सिस्टम मुहैया कराते हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज एक्सपी को पहले ही सपोर्ट करना बंद कर दिया है। साल 2014 से ही माइक्रोसॉफ्ट विंडोज एक्सपी के लिए सिक्योरिटी पैच और अन्य टूल्स भी नहीं देता है। हालांकि साइबर हमले के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज एक्सपी के लिए कुछ अपटेट्स रिलीज किए। विशेषज्ञों के अनुसार अगर साइबर हमलावरों ने भारत के एटीएम को अपना निशाना बनाया तो हालात कितने खराब हो सकते हैं इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned