सत्ता का संग्राम : मुलायम ने छेड़ा बाबरी का राग तो विहिप ने बजाया रामनाम का सुर 

Faizabad, Uttar Pradesh, India
  सत्ता का संग्राम : मुलायम ने छेड़ा बाबरी का राग तो विहिप ने बजाया रामनाम का सुर 

हिन्दू और मुस्लिम के एहसासात को मत छेडिये अपनी कुर्सी के लिए जज़्बात को मत छेडिये. छेड़िए असली जंग, मिल-जुल कर गरीबी ख़िलाफ़ दोस्त मेरे मज़हबी नग्मात को मत छेड़िए ! 

अनूप कुमार 
फैजाबाद (अयोध्या)  जैसे जैसे मतदान की तारीखें नज़दीक आ रही वैसे वैसे सियासी दलों के नेताओं के जुबानी हमले तेज़ होते जा रहे हैं | आरोप प्रत्यारोप की राजनीति के बीच तमाम नेता अपने बीते कार्यकाल की उपलब्धियों को भी गिनकर मतदाताओं को अपनी ओर खींचने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं | प्रदेश की सियासत में एक अहम् किरदार निभाने वाले मुलायम सिंह यादव भी इन्ही नेताओं में से एक है | जो सन 1992 में विवादित ढाँचे के ध्वंश के दौरान के दौरान की गयी अपनी कार्यवाही को वक्त बेवक्त याद दिलाकर खुद को अल्पसंख्यक मतदाताओं का रहनुमा बताने से नहीं चूकते |

Mualaym On Babari

बीजेपी ने जब लिया मंदिर का नाम तो मुलायम ने याद दिलाई विवादित ढाँचे के ध्वंस की कहानी 

साल 2017 के चुनाव में जब बीजेपी नेताओं ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने का जिक्र किया तो मुलायम कहाँ पीछे रहने वाले थे | लखनऊ में घर की बहु अपर्णा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए मुलायम ने एक बार फिर उसी तार को छेड़ दिया जिसने आज से करीब ढाई दशक पहले देश की राजनीती और अमन चैन में भूचाल ला दिया था | उस दौर में यूपी के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह द्वारा बीते दिनों चुनावी मंच से दिये गये भाषण जिसमे उन्होने कहा कि अयोध्या मे विवादि मस्जिद की रक्षा हेतु कारसेवको पर पुलिस द्वारा गोलिया चलाने का आदेश मैने दिया था। इस बयान को लेकर सियासत शुरू हो गयी है और विश्व हिन्दू परिषद् की भौहें तन गयी हैं | 

Babari Masjid

विहिप ने कहा निहथ्थे कारसेवकों के खून से सने हैं मुलायम के हाथ 

मुलायम सिंह द्वारा चुनावी मंच से अयोध्या मे बाबरी मस्जिद की रक्षा हेतु कारसेवको पर पुलिस द्वारा गोलिया चलाने के आदेश को लेकर दिए गए इस बयान पर विहिप ने तीखी आलोचना करते हुए इसे तुष्टिकरण और वोट लालच की पराकाष्ठा बताया | विश्व हिन्दू परिषद् ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा है  कि निहत्थे  कारसेवको पर गोली चलाने का आदेश देने वाले बड़े ही ढिठाई से अपनी कारगुजारी का नगाड़ा मुस्लिम वोटो को पाने के लिए पीट रहे है । जिसका हाथ निरीह राम भक्तो की रक्त से सना हो उन्हे वोट नही ,बल्कि  "डेस्टविन" मे फेंककर अपने संकल्प की पूर्ति करे।

VHP

विहिप ने कहा चेले के इस कृत्य से कभी प्रसन्न नही होगी आदरणीय लोहिया जी की आत्मा  

विहिप के प्रान्तीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा समाज वाद का ढिंढोरा पीटने वाले मात्र चुनाव के दौरान मुस्लिम वोटो का अपने पक्ष मे ध्रुवीकरण करना चाहते है। जबकी उनके काठ की हांडी बार -बार चुनावी आग पर चढने वाली नही है।उन्होने कहा यह कैसा समाज वाद है जो अपनी कुर्सी बचाने तथा एक समाज को खुश करने के लिये दूसरे को रक्तरंजित  करे। क्या इससे उनके गुरू आदरणीय लोहिया जी की आत्मा चेले के इस कृत्य से  प्रसन्न होगी | उन्होंने कहा अपने को हनुमान भक्त कहने वाले निहत्थे श्रीराम भक्तो की हत्या कराने के बाद गौरवान्वित हो रहे है।खुले मंच और जनता के बीच इस प्रकार से निष्ठुरता पूर्वक छाती पीटने वालो पर जनता स्वयं अपने मताधिकार का प्रयोग कर मतो के द्वारा दंड देकर निरीह राम भक्तो की आत्मा को शान्ति तथा परिजनो को आत्मबल देकर श्रीराम जन्मभूमि की इन बाधाओ से मुक्ति प्राप्त करे। जाहिर तौर पर कहीं न कहीं न न करते हुए भी सपा और भाजपा जैसे संगठन इस चुनाव में अयोध्या को अपना मुद्दा बनाये रखना चाहते हैं जिस से वोटों के ध्रुवीकरण का फायदा उठाया जा सके | सियासी दलों के नेताओं के इस अंदाज़ पर अदम गोंडवी के ये अल्फाज़ मौजूं हो उठते हैं कि...

हिन्दू और मुस्लिम के एहसासात को मत छेडिये;
अपनी कुर्सी के लिए जज़्बात को मत छेडिये.

हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है;
दफ़्न है जो बात, अब उस बात को मत छेड़िए.

ग़र ग़लतियाँ बाबर की थी, जुम्मन का घर फिर क्यों जले;
ऐसे नाज़ुक वक़्त में हालात को मत छेड़िए.

हैं कहाँ हिटलर, हलाकू, जार या चंगेज़ ख़ाँ;
मिट गए सब, क़ौम की औक़ात को मत छेड़िए.

छेड़िए असली जंग, मिल-जुल कर गरीबी ख़िलाफ़;
दोस्त, मेरे मज़हबी नग्मात को मत छेड़िए ! 

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