गंगा का पानी चेतावनी बिंदु के पास पहुंचा, तटवासी हुए भयभीत

Lucknow, Uttar Pradesh, India
 गंगा का पानी चेतावनी बिंदु के पास पहुंचा, तटवासी हुए भयभीत

पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण लगातार गंगा में छोड़े जा रहे पानी का असर जिले में गंगा के जल स्तर पर दिख रहा है। 

फर्रुखाबाद। ​पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण लगातार गंगा में छोड़े जा रहे पानी का असर जिले में गंगा के जल स्तर पर दिख रहा है। जलस्तर बढ़ने से गंगा चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई हैं। कटान होने से गंगा की धार तीसराम की मड़ैया के निकट पहुंच गई है। अन्य तटवर्ती गावों में भी कटान तेजी से हो रहा है। वही पंचाल घाट पर गंगा में प्रदूषण नापने के लिये यंत्र लगाया गया था। जो गंगा की तेज धारा  में बह गया।


गंगा का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ जाने से 136.40 मीटर पर पहुंच गया है। सोमवार को नरौरा बांध से 37194 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे मंगलवार को गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है। रामगंगा का जलस्तर विलोगेज है। खोह हरेली रामनगर से रामगंगा में 2826 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा की धार सुंदरपुर के करीब बह रही है। तीसराम की मड़ैया के निकट गंगा की धार से उपजाऊ भूमि कट रही है। गंगा की तेज धार में करीब 2 सौ बीघा उपजाऊ भूमि कट चुकी है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी कुडरी सारंगपुर, फकरपुर, करनपुर घाट गांवो की ओर पहुंच रहा है। वहीं मंझा की मड़ैया गांव बाढ़ के पानी से घिर जाने से टापू बन गया है। गांव के लोग नाव के सहारे सोता नाला पारकर आवागमन कर रहे हैं। 

विद्यालय गये बच्चों को पानी में घुसकर जाना पड़ा। गांव के चारों तरफ पानी आ गया है। वहीं गंगा के उस पार गांव कमथरी व समैचीपुर चितार में भी चारों तरफ पानी आ जाने से गांव जाने वाले रास्तों पर पानी आ गया है। जिससे गांव में आने जाने के लिए ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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