आज वैशाख पूर्णिमा पर इन कामों के लिए बन रहे हैं शुभ संयोग, आप भी लाभ उठाएं

Sunil Sharma

Publish: May, 10 2017 09:20:00 (IST)

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आज वैशाख पूर्णिमा पर इन कामों के लिए बन रहे हैं शुभ संयोग, आप भी लाभ उठाएं

पूर्णिमा पूर्णा संज्ञक तिथि अंतरात्रि 3.13 तक, तदुपरान्त ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ हो जाएगी

पूर्णिमा पूर्णा संज्ञक तिथि अंतरात्रि 3.13 तक, तदुपरान्त ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ हो जाएगी। पूर्णिमा तिथि में सभी मांगलिक कार्य, अलंकार, चित्रकारी, प्रतिष्ठा, यज्ञकर्म, वास्तु तथा अन्य घरेलू उत्सवादि शुभ रहते हैं। इसी प्रकार उपरोक्त वर्णित समस्त कार्य कृष्ण प्रतिपदा में भी शुभ कहे गए हैं।

नक्षत्र: स्वाति 'चर व तिर्यंकमुख' संज्ञक नक्षत्र दोपहर बाद 2.34 तक, तदुपरान्त विशाखा 'मिश्र व अधोमुख' संज्ञक नक्षत्र है। स्वाति नक्षत्र में विवाह, देवालय, वस्त्रालंकार, गृहारम्भ, गृह-प्रवेश, बीजादि रोपण व शस्त्रादि सम्बंधी कार्य शुभ होते हैं। विशाखा नक्षत्र में औषध संग्रह, सेवन, अलंकर, चित्रकारी और प्रहार आदि के कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं।

योग: व्यतिपात नामक अत्यंत बाधा व उपद्रवकारी अशुभ योग सायं 4.10 तक, तदन्तर वरियान नामक नैसर्गिक शुभ योग है। व्यतिपात नामक योग में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य सर्वथा वर्जित है। विशिष्ट योग: रात्रि 3.13 से अगले दिन सूर्योदय तक कुमार योग नामक शुभ योग है, जिसमें मैत्री करना, शिक्षा-दीक्षा व व्रतादि रखना शुभ माना गया है। करण: सूर्योदय से दोपहर बाद 2.10 तक भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण है, जो शुभ कार्यों में वर्जित कही गई है। वैसे आज यह भद्रा पाताल लोक की लाभप्रद है।

शुभ विक्रम संवत् : 2074
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 1939
हिजरी संवत् : 1438
अयन : उत्तरायण
ऋतु : ग्रीष्म
मास : वैशाख। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त : आज स्वाति नक्षत्र में यथा आवश्यक विवाह, गृहारम्भ व गृह-प्रवेश के अतिआवश्यकता में अशुद्ध (भद्रा व व्यतिपात दोषयुक्त) तथा पीपल पूनम के अबूझ स्वयं सिद्ध मुहूर्त पर विपणी-व्यापारारम्भ, वाहन क्रय, मशीनरी प्रा. व जलवा आदि के मुहूर्त भी हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए:
आज सूर्योदय से प्रात: 9.05 तक लाभ व अमृत, पूर्वाह्न 10.44 से दोपहर 12.23 तक शुभ तथा अपराह्न 3.42 से सूर्यास्त तक चर व लाभ के श्रेष्ठ मुहूर्त हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं। बुधवार को अभिजित मुहूर्त शुभ कार्यों में वर्जित माना गया है।

व्रतोत्सव: आज वैशाखी पीपल पूनम (स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त), सत्यपूर्णिमा व्रत, बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख स्नान समाप्त, व्यतिपात पुण्यं, मेला देवयानी सांभर (राज.), धर्मराज प्रीत्यर्थ जल कुम्भ दान, श्री कूर्म जयंती तथा गंधेश्वरी पूजा (बंगाल में) है। दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि तुला राशि में है। राहुकाल: दोपहर 12.00 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (रो,ता,ति,तू,ते) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि तुला होगी। जन्म ताम्रपाद से होने से शुभ व लाभप्रद है। सामान्यत: ये जातक बुद्धिमान,  भोजन व पहनावा अच्छे पहनने वाले, कामासक्त, शीतल स्वभाव, सर्वप्रिय, सुंदर, अपने कार्यों में कुशल, आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न, परोपकारी और राज-समाज में सम्माननीय होते हैं। भाग्योदय लगभग 30 से 36 वर्ष की आयु तक होता है। तुला राशि वाले जातकों को अपने कार्य क्षेत्र में अच्छा लाभ प्राप्त होगा। समाज में प्रशंसा के पात्र होंगे। व्ययाधिक्यता रहेगी।

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