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अब नही होगा रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा, सबकुछ होगा ऑनलाइन

locationजयपुरPublished: Aug 03, 2015 01:26:28 pm

Submitted by:

Nikhil Sharma

कहीं भी रजिस्ट्री, बचना मुश्किल, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, रजिस्टर्ड सम्पत्तियों का होगा ऑनलाइन रिकॉर्ड, फर्जीवाड़ा करना नहीं होगा आसान

 राज्य में एक ही भूखंड अथवा सम्पत्ति को एक से अधिक लोगों को बेचने संबंधी फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने की कवायद प्रारंभ हो गई है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की ओर से पूरा कामकाज कम्प्यूटराइज्ड कर राज्य के सभी उप पंजीयक कार्यालयों को ऑनलाइन किया जा रहा है।

 इस व्यवस्था से सम्पत्तियों की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़े पर रोक सहित रजिस्ट्री रिकॉर्ड भी मिनटों में ऑनलाइन उपलब्ध होगा। सम्पत्तियों की रजिस्ट्री के लिए सभी उप पंजीयक कार्यालयों को कम्प्यूटराइज्ड करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए विभाग ने करोड़ों रुपए की योजना बनाई है।

प्रायोगिक तौर पर चार जिलों में योजना लागू करने के बाद द्वितीय चरण में अब सात अन्य जिलों के उप पंजीयक कार्यालयों को भी कम्प्यूटराइज्ड किया जा रहा है। इनमें जयपुर, झालावाड़, हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू, बांसवाड़ा शामिल हैं। इससे पूर्व जोधपुर, बाड़मेर, भीलवाड़ा और टोंक जिलों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है।

एक क्लिक पर रिकॉर्ड हाजिर

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के अजमेर स्थित मुख्यालय में ऑनलाइन व्यवस्था से जुड़े सभी जिलों में कहीं भी रजिस्ट्री होते ही उसका विवरण दर्ज हो जाता है। इसमें सम्पत्ति बेचने और खरीदने वाले पक्षकारों सहित सम्पति की पूर्व स्थिति की भी जानकारी मिल जाती है। इस व्यवस्था से अब राज्य में रजिस्टर्ड किसी भी सम्पत्ति का पूरा ब्योरा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इससे रजिस्ट्री का रिकॉर्ड खंगालने में कई दिन खराब होने से बच जाएंगे और महज एक ही क्लिक में मनचाही जानकारी हासिल होगी।

हाथोहाथ होगा उजागर

नई व्यवस्था की बदौलत सम्पत्ति को एक से अधिक लोगों को बेचने के लिए रजिस्ट्री कराते ही उजागर हो जाएगा। सभी उपपंजीयक कार्यालय एक दूसरे से ऑनलाइन जुड़े होने की वजह से राज्य के किसी भी जिले में सम्पत्ति का विवरण कम्प्यूटर में डालते ही उसकी पूर्व स्थिति सामने आ जाएगी। इन हालातों में अगर उस सम्पत्ति की रजिस्ट्री किसी अन्य व्यक्ति के नाम होगी तो अधिकारियों को उसकी तत्काल जानकारी मिल जाएगी।

इनका कहना है

राज्य के सभी उप पंजीयक कार्यालयों को कम्प्यूटराइज्ड कर ऑन लाइन जोडऩे की योजना है। फिलहाल जिन जिलों में यह योजना लागू है वहां होने वाली रजिस्ट्री पर मुख्यालय की लगातार नजर रहती है। इस व्यवस्था से फर्जीवाड़ों पर काफी हद तक लगाम लगेगी और रजिस्ट्री कार्य भी आसान होगा।

के. बी. गुप्ता, महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रंक विभाग


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