सरकार ने कहा, तीन साल में 1.37 लाख करोड़ से अधिक की कर चोरी

Finance
सरकार ने कहा, तीन साल में 1.37 लाख करोड़ से अधिक की कर चोरी

राजस्व विभाग ने कहा है कि उसने पिछले तीन वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष कर दोनों में 1.37 लाख करोड़ रुपए से अधिक कर चोरी तथा 1,000 से अधिक मुखौटा कंपनियों की पहचान की है, जो 13,300 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन में शामिल थीं। 

नई दिल्ली. राजस्व विभाग ने कहा है कि उसने पिछले तीन वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष कर दोनों में 1.37 लाख करोड़ रुपए से अधिक कर चोरी तथा 1,000 से अधिक मुखौटा कंपनियों की पहचान की है, जो 13,300 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन में शामिल थीं। 

कर चोरी करने वालों को चेतावनी देते हुए विभाग ने कहा कि वह कालेधन के खिलाफ कार्रवाई में और तेजी लाएगा। विभाग ने कहा कि संशोधित बेनामी सौदा निषेध कानून के तहत 245 बेनामी लेन-देन की पहचान की गई है और 124 मामलों में 55 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति कुर्क की है। यह कानून नवंबर 2016 में प्रभाव में आया।

राजस्व विभाग ने कुल 23,064 तलाशी लिए। इसमें से 17,525 मामलों में आयकर विभाग तथा शेष मामलों में सीमा शुल्क, उत्पाद एवं सेवा कर इकाई ने तलाशी अभियान चलाए।

आयकर मामले अधिक मिले
कुल मिलाकर पिछले तीन वित्त वर्ष 2013-15 से 2015-16 के दौरान 1.37 लाख करोड़ रुपए कर चोरी का पता लगाया गया। इसमें 69,434 करोड़ रुपए आयकर विभाग, 11,405 करोड़ रुपए सीमा शुल्क, 13,952 करोड़ रुपए केंद्रीय उत्पाद तथा 42,727 करोड़ रुपए मूल्य के सेवा कर चोरी शामिल हैं। साथ ही 2,814 मामलों में आपराधिक अभियोजन शुरू किया गया।

इसमें 1,066 आयकर से जुड़े मामले हैं। कुल 3,893 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा गलत गतिविधियों में शामिल 1,155 मुखौटा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। ये कंपनियां 13,300 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन में शामिल थी।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned