जीएसटी लागू होने के बाद सीबीईसी हो जाएगा सीबीआईसी 

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जीएसटी लागू होने के बाद सीबीईसी हो जाएगा सीबीआईसी 

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क (सीबीईसी) को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) व्यवस्था के कार्यान्वयन के लिए पुर्नगठित किया जाएगा और संसद की मंजूरी के बाद इसका नाम बदलकर अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क (सीबीआईसी) कर दिया जाएगा। 

नई दिल्ली. केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क (सीबीईसी) को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) व्यवस्था के कार्यान्वयन के लिए पुर्नगठित किया जाएगा और संसद की मंजूरी के बाद इसका नाम बदलकर अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क (सीबीआईसी) कर दिया जाएगा। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के कार्यान्वयन के लिए केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क (सीबीईसी) को पुनर्गठित किया जाएगा और संसदीय अनुमोदन के तहत इसका अप्रत्यक्ष करों और सीमा शुल्क (सीबीआईसी) के केंद्रीय बोर्ड का नाम बदला जाएगा। हालांकि, अभी इस बदलाव के लिए विधायी मंजूरी मिलनी बाकी है।

 वित्त मंत्रालय सीबीईसी के पुनर्गठन दी मंजूरी 
वित्त मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा है कि जीएसटी के कार्यान्वयन के लिए सीबीईसी के पुनर्गठन को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मंजूरी दे दी है। सीबीईसी के तहत केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर की मौजूदा संरचना को प्रस्तावित जीएसटी कानूनों के प्रावधानों को लागू करने के लिए पुनर्गठित किया गया है।

सीबीआईसी  का यह होगा काम
 प्रस्तावित सीबीआईसी अन्य सभी मामलों के अलावा सभी क्षेत्रीय संरचनाओं और निदेशालयों के काम की निगरानी करेगा और सरकार को जीएसटी के लिए नीति बनाने में मदद करेगा, साथ ही केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क की वसूली जारी रखेगा। यह सभी करदाताओं को अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था ढांचे के माध्यम से अखिल भारतीय स्तर पर कर देयता सेवाएं प्रदान करेगा।

सीबीआईसी ऐसे करेगा काम
सीबीआईसी के 21 जोन होंगे, जिसमें 101 जीएसटी करदाता सेवा आयुक्त होंगे, जिनमें 15 उपायुक्त होंगे। साथ ही 768 डिवीजन, 3969 श्रेणियां, 49 ऑडिट आयुक्त और 50 अपील आयुक्त होंगे।

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