बनने से पहले ही विवादों के घेरे में दिल्ली मेरठ-एक्सप्रेस-वे

Ghaziabad, Uttar Pradesh, India
बनने से पहले ही विवादों के घेरे में दिल्ली मेरठ-एक्सप्रेस-वे

भारतीय किसान यूनियन ने मेरठ दिल्ली एक्सप्रेसवे निर्माण में लगाए भ्रष्टाचार के आरोप,पीएम और सीएम के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

गाजियाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शिलान्यास संपन्न दिल्ली-मेरठ
एक्सप्रेस-वे पर विवादों के बादल मंडराने लगे हैं। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे की
जांच के आदेश के बाद गाजियाबाद में भारतीय किसान यूनियन ने भी मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस-वे के तैयार किए जाने से पहले ही सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन ने इसे महा घोटाले का नाम देते हुए सीबीआई जांच
कराए जानी की मांग रखी है। देश के पीएम और सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ
के नाम संगठन की तरफ से ज्ञापन सौंप कर एक्शन लिए जाने की मांग की गई है।

कमीशनखौरी का आरोप 

भाकियू के राष्ट्रीय प्रेस प्रभारी शमशेर राणा ने बताया कि ईस्टर्न
पैरीफेरल और दिल्ली मेरठ—एक्सप्रेस वे भूमि अधिग्रहण मुआवजे में
गाजियाबाद प्रशासन द्वारा किसानों से 10 प्रतिशत कमीशन लिया गया है।
अधिग्रहण के नाम पर छुट भैय्या नेता और अधिकारियों ने जमकर अपनी जेबों को
भरा और किसानों को ठेंगा दिखा दिया। घोटालों से जुड़े हुए दस्तावेज को
पूर्व सीएम के सामने भी रखा गया। लेकिन किसी ने भी संज्ञान लेना सहीं
नहीं समझा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने मचाई लूट 

आरोप है कि एक्सप्रेस वे स्कीम आने के बाद में तत्कालीन एसडीएम घनश्याम
ने किसानों से जमीन खरीदी, इसके अलावा अपने नाबालिग बेटे के नाम बिना
स्टाम्प डयूटी लगाए रजिस्ट्री करा दी। संतोष सिंह बाबू और अन्य लोगों
ने मिलकर लूट मचाई। जमीन अधिग्रहण के कमीशन का दस फीसदी वसूले जाने
के लिए किसानों के साथ में ज्वाइंट एकाउंट खोले और अपने हिस्से की कमाई
ली। 

पीएमओ ने शासन को भेजा लेटर

शमशेर राणा का दावा है कि हाल ही में पीएमओ से इसके संबंध में फोन
आया और मामले की सीबीआई जांच के लिए लेटर को योगी सरकार को प्रेषित किया
गया है। इसके अलावा आज जिला प्रशासनिक अधिकारी से मिलकर स्थानीय स्तर पर
भी कार्रवाई में तेजी लाने के लिए मुलाकात की गई है।

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