करोड़ों की लागत से बन रहे पुल की एनओसी के लिए Google से मिली बड़ी राहत

Noida, Uttar Pradesh, India
करोड़ों की लागत से बन रहे पुल की एनओसी के लिए Google से मिली बड़ी राहत

सोमवार को यूपी और वन विभाग की बैठक में होगा फैसला

गाजियाबाद। 16 करोड़ रुपये की लागत से जीटी रोड स्थित मेरठ तिराहे पर निर्माणाधीन ग्रेड सेपरेटर/तीन लेन के पुल को लेकर एनओसी की समस्या अगले हफ्ते तक दूर होने की उम्मीद है। एनओसी के मसले पर 15 जनवरी को यूपी और केन्द्रीय वन विभाग के अफसरों की एक अहम बैठक होनी है। जीडीए अफसरों को उम्मीद है कि इस बैठक के बाद पेड़ काटने की एनओसी मिल जाएगी।

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण मेरठ तिराहे पर ग्रेड सेपरेटर बनवा रहा है। लेकिन इसके रास्ते में 63 पेड़ आ रहे हैं। इन पेड़ों को काटकर ही ग्रेड सेपरेटर बनाने का काम पूरा किया जा सकेगा। पेड़ काटने की एनओसी ना मिलने के कारण यह काम बीते छह महीने से ठप पड़ा है। हालांकि जीडीए की तरफ से एनओसी की डिमांड काम रुकने के बाद ही कर दी गई थी।

लेकिन शुरू में केन्द्रीय वन विभाग के अफसरों ने इस मामले का कोई संज्ञान ही नहीं लिया। बाद में गूगल की अस्पष्ट तस्वीर देख कर केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण विभाग के अफसरों ने यह मान लिया कि ग्रेड सेपरेटर से बहुत बड़ा वनक्षेत्र तबाह हो जाएगा। जिसके कारण एनओसी जारी न करते हुए आपत्ति लगा दी।

आपत्ति के बाद जीडीए ने यूपी वन विभाग के जरिए नई फाइल में साफ तस्वीर भिजवाई। साथ ही अवगत कराया कि ग्रेड सेपरेटर का निर्माण पूरा करने के लिए 63 पेड़ ही काटे जाएंगे ना की सैकड़ों की संख्या में। मामले में सोमवार को यूपी और केन्द्रीय वन विभाग के अफसरों की महत्वपूर्ण बैठक होगी। जीडीए चीफ इंजीनियर मुताबिक पेड़ काटने की एनओसी अगले हफ्ते मिलने की पूरी उम्मीद है।

गाजियाबाद से दिल्ली जाने वालों के लिए जीडीए ने मार्च 2015 में ग्रेड सेपरेटर का निर्माण शुरू कराया। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 16 करोड़ रुपये है। लेकिन लम्बे समय से यह मामला एनओसी पाने के लिए अटका पड़ा है।

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