घाघरा का बढ़ने लगा जलस्तर, एक बार फिर बढ़ी लोगों की धड़कने

Lucknow, Uttar Pradesh, India
घाघरा का बढ़ने लगा जलस्तर, एक बार फिर बढ़ी लोगों की धड़कने
गोंडा। घाघरा के जलस्तर में तेजी से बढ़त होने होने लगी। सुबह तक नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान तक पहुंच गया। उसके बाद से नदी का जलस्तर स्थिर होने लगा मगर पानी का डिस्चार्ज अधिक होने के नाते घाघरा का पानी एक बार फिर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में घुसने लगा। पानी के बढ़ने से बहुवन मदार मांझा के बाबा मांझा मजरे में पानी पूरी तरह से घुस गया। अभी तक यह गांव बाढ़ से आंशिक प्रभावित था अब पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। 

वहीं बेनी पुरवा, राधे पुरवा, मर्दन पुरवा, बिहारी पुरवा, भवानी पुरवा, तिवारी पुरवा भी बाढ की चपेट में पूरी तरह से आ गये। रविवार को कट टू पर कटान कर रही घाघरा ने सोमवार को कट वन को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। बांध पर मौजूद लोगों ने बताया कि नदी अब यहां पर लगायी गयी जिवो टयूब को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। सोमवार को घाघरा के तेजी से बढे जलस्तर ने एक बार फिर बाढ़ पीडितों को मुस्किलों में घेरना शुरु कर दिया है। घाघरा खतरे के निशान पर फिर से पहुंच गई है। बाढ के पानी से आधा दर्जन मजरे और पानी से घिर गये है वहीं एक गांव पूरी तरह से बाढ के पानी से जलमग्न हो चुका है। दूसरी ओर घाघरा की कटान के जद में बांध के दोनों छोर लगे हैं। अब कट वन पर लगी जिओ टयूब नदी में समाती जा रही है। तथा रिंग बांध का हिस्सा लगातार कटान की जद में है। कट टू पर लगी जिवो टयूब को नदी में समाने के बाद कट वन के करीब 50 मीटर हिस्से में नदी ने कटान करना शुरू कर दिया है। जहां बांध के नोज को फिर से मजबूत करने का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

ये गांव है घाघरा के निशाने पर

घाघरा के मुहाने पर बसे ग्राम प्रतापपुर, काशीपुर, घरकुइंया, के मजरा जगन्नाथपुुरवा, नऊवनपुरवा, बासुदेव पुरवा, जोगनिपुरवा, लोनियनपुरवा, चमारनपुरवा, एंव अतरसुइया, जियालाल पुरवा, घरुकनपुरवा, धोबिनपुरवा, बहुवन मदार मांझा के मजरा बाबा मांझा, मर्दनपुुरवा, रामचन्दर पुरवा, लालूपुरवा, भुजवनपुरवा, तेलहनपुरवा, चेला प्रधानपुरवा, धु्रवराज पुरवा, खजुहनपुरवा, शिवगढ़ में देवी पाण्डेयपुरवा, धनलालपुरवा, वहीं पूरे अंगद में सुन्दर प्रधानपुरवा, नेकपाल पुरवा, बधुुवनपुरवा, मसवालनपुरवा, ग्राम दिवली के मजरा अहिरनपुुरवा, आल्हकपुरवा, नरेश महन्तपुरवा एंव ग्राम पूरे अंगद का मजरा गोपी पुरवा, कोरिन पुरवा, ठाकुर पुरवा, सुहावन पुरवा, कबीर पुरवा, भाईराम पुरवा, केवटन पुरवा एवं मल्लहन पुरवा बाढ़ से प्रभावित है। गौरासिंहपुर गांव से आगे बढ़ते ही चारांे ओर पानी ही पानी है। इसके निकटवर्ती गांव नकहरा, जगजीवन प्रधान पुरवा, गोडियनपुरवा, पछुवनपुरवा, बगुलिहन पुरवा, दुलारे पुरवा, इकबाल प्रधान पुरवा, छंगूपुुरवा, संभरपुरवा, मछवारनपुरवा, पुलिनपुरवा, तीरथरामपुरवा, देवकिशनपुरवा, भगतपुरवा आदि गांवो में एक बार फिर से पानी बढने लगा है। तथा पानी के बढने से एक बार फिर से मार्ग अवरुद्ध होने का खतरा बढ गया है। बाढ पीडितों को लंच पैकेट की सुविधा एक बार फिर से शुरु कर दिया गया है। ग्राम बुहंवन मदार मांझा के बाढ प्रभावित ग्रामीणों के लिए सोमवार को लंच पैकेट का इंतजाम किया गया। बाकी बाढ से प्रभावित गांवों में पीडितों को राशन किट का वितरण करके प्रशासन लंच पैकेट से मुक्ति से ले रहा है।
 
क्या कहते है तहसीलदार

तहसीलदार रमेंश बाबू ने बताया कि लंच पैकेट केवल बहुवन मदार माझा में दी जा रही है। शेष सभी गांवो में राशन किट का वितरण करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घरकुइंया में 140 व काशीपुर में 88 बाढ़ पीड़ितों को किट का वितरण किया जा चुका है। क्षेत्र में कुल 40 नावें लगाई गई है। पानी घटने की वजह से और नावों की आवश्यकता नहीं पड़ी है। जहंा पानी बढ रहा है वहंा नाव की व्यवस्था कराई जा रही है।

बाढ़ चैकिया मजाक बनकर रह गयी

बाढ़ चैकियंा एंव राहत केंद्र महज मजाक बनकर रह गये है। बाढ चैकियों पर शाम ढलते ही सन्नाटा हो जाता है तो सुबह नौ बजे तक कोई कर्मचारी नहीं पहुंचता है। रविवार की सुबह करीब आठ बजे बाढ राहत केंद्र पाल्हापुर पीएसी के जवानों के हवाले रहा। स्वास्थ विभाग के शिविर में एक वार्ड व्वाय सुरेश मौजूद रहे। वहीं पशु स्वास्थ शिविर पर कोई भी कर्मी मौजूद नहीं रहा। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि बाढ़़ राहत केेद्रं खोलकर पीएसी के जवानों को ठहराया गया है। शाम ढलने के बाद महज पीएसी के जवान जो केंद्र पर डेरा जमाये हैं उनके अलावा बाढ़ केंद्र पर कोई भी कर्मी नहीं रुकता है। इसके अलावा ग्राम गौरासिंहपुर में बाढ राहत केंद्र पर करीब 10 बजे कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दिखाई।

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