यहां कोई नहीं देना चाहता छात्रों को कमरा, जानिये क्यों

Noida, Uttar Pradesh, India
यहां कोई नहीं देना चाहता छात्रों को कमरा, जानिये क्यों

छात्रों की हरकतों से सेक्टरवासियों को उठानी पड़ती है दिक्कत

ग्रेटर नोएडा। एजूकेशन हब के नाम से देशभर में ग्रेटर नोएडा मशहूर है। यहां लाखों स्टूडेंट्स हर साल पढ़ाई करने के लिए आते हैै। लेकिन ये स्टूडेंट्स अब सेक्टरवासियों के लिए समस्या खड़ी करने लगे है। आए दिन स्टूडेंट्स शराब पीकर देररात हंगामा करते है। साथ ही महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते है। ये स्टूडेंट्स पीजी में रहते है। साथ ही नशे में रातभर हुड़दंग करते है। सेक्टरों में चल रहे अवैध पीजी को बंद कराने की मांग एक्टिव सिटीजन टीम ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसरों से की है।
इसी कारण से बहुत से लोग अब छात्रों को अपना घर किराए पर नहीं देना चाहते चाहे उनका घर खाली ही क्यों न रहे. वे नुक्सान उठाने को तैयार हैं लेकिन छात्रों को कमरा देने को राजी नहीं.

अवैध चल रहे पीजी बंद करानेे की मांग उठी चुकी है कई बार


एक्टिव सिटीजन टीम के मेंबर हरेंद्र भाटी ने बताया कि बीटा—1 सेक्टर समेत कई सेक्टरों में अवैध रुप से पीजी चल रहे है। स्टूडेंट्स पर पीजी संचालकों का भी नियत्रंण नही है। पीजी में रहने वाले छात्र पार्टी के नाम पर देर रात तक शराब पीकर हुड़दंग मचाते है और टोकने पर मारपीट भी करने पर उतारू हो जाते है। ये कई बार शराब के नशे में सेक्टरवासियों के साथ में मारपीट कर चुके है।

महिलाओं के साथ करते है छेड़छाड़


छात्रों  की वजह से महिलाओ का घर से निकलना दूभर हो गया है। ये महिलाओं व लड़कियों के साथ में अश्लील हरकत करते है। पार्को पर शाम से इनका कब्ज़ा हो जाता है, जिससे छोटे छोटे बच्चे खेल नहीं पाते। छात्रों के आड़ में इन मकानों में असामाजिक तत्त्व भी रहते है और मौका देखकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते है।

सत्यापन के नाम पर होती है खानापूर्ति


हरेंद्र भाटी ने बताया ​कि बीटा—1 सेक्टर में सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई गई थी, लेकिन इन पीजी के मकान मालिकों ने सत्यापन करवाने की जहमत तक नही उठाई। उन्होंने बताया कि मकान मालिक खुद रहते नही है और हर माह मोटा किराया संचालकों से वसूलते है। आस—पास के लोगों को परेशानियां उठानी पड़ती है। ​


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