सऊदी अरब: शाही खानदान के सदस्य को दी गई सजा-ए-मौत

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सऊदी अरब: शाही खानदान के सदस्य को दी गई सजा-ए-मौत

देश के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रिंस तुर्की बिन सऊद अल-कबीर को राजधानी रियाद में मौत की सजा दी गई

रियाद। सऊदी अरब ने हत्या के जुर्म में शाही खानदान के एक सदस्य को मौत की सजा दे दी। यह पहली बार है जब हाउस ऑफ सऊद के हजारों सदस्यों में से किसी एक को मौत की सजा दी गई है।

देश के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रिंस तुर्की बिन सऊद अल-कबीर को राजधानी रियाद में मौत की सजा दी गई। अल-कबीर पर सऊदी नागरिक आदिल अल-मोहम्मद की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। मंत्रालय के बयानों के आधार पर कबीर 134वें स्थानीय या विदेशी थे, जिन्हें इस साल मौत की सजा दी गई।

अरब न्यूज ने नवंबर 2014 में खबर दी थी कि रियाद की एक अदालत ने अपने दोस्त की हत्या के जुर्म में एक अनाम शहजादे को मौत की सजा सुनाई। पीडि़त के परिवार ने ब्लड मनी लेने से इनकार कर दिया था। इस प्रावधान के तहत ऐसे मामलों में परिवार वाले आर्थिक मुआवजा स्वीकार करें तो दोषी छूट सकता है।  सऊदी अरब न्यूजपेपर के मुताबिक, यह मामला साल 2012 का है। रियाद के एक डेजर्ट कैम्प में प्रिंस तुर्की बिन सऊद अल-कबीर का झगड़ा हो गया था। इससे नाराज कबीर ने फायरिंग कर दी थी। इसमें आदेल-अल- मोहम्मद शख्स की मौत हो गई थी और एक शख्स जख्मी हो गया था। ये कैम्प सऊदियों के बीच काफी लोकप्रिय होता है।

मृतक के चाचा अब्दुल रहमान अल- फलाज ने कहा कि सजा से देश के निष्पक्ष न्याय प्रणाली की झलक मिलती है। सऊदी अरब में सख्त इस्लामी कानून लागू है। वहां हत्याए नशीले पदार्थों की तस्करी, डकैती और दुष्कर्म के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक राजकुमार ने अपने साथी की हत्या करने का दोष स्वीकार किया था। मृत्युदंड की घोषणा करते हुए गृह मंत्रालय ने कहा है कि इससे हर नागरिक को भरोसा मिलेगा कि सरकार न्याय और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिसेंस मिशाएल-बिन- फहद के लिए राजशाही फैमिली ने शादी के लिए एक लड़का चुना था। लेकिन मिशाएल ने शादी करने से मना कर दिया। क्योंकि वह किसी दूसरे लड़के से प्यार करती थी। बाद में दोनों ने सऊदी अरब से भागने की कोशिश की थी। बाद में दोनों ने अपने रिश्तों को स्वीकार भी किया था। बाद में, मिशाएल को उसके प्रेमी के सामने सिर में गोली मार दी थी। इससे पहले 1975 में शाही परिवार के मेंबर और प्रिंस फैसल बिन मुसैद अल सऊद को भी मौत की सजा मिली थी। उन्हें अपने भतीजे शाह फैजल के मर्डर के मामले में दोषी पाया गया था।

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