कोन्याकला मामले में आठ कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी

Bhalender Malhotra

Publish: Dec, 01 2016 10:11:00 (IST)

Guna, Madhya Pradesh, India
कोन्याकला मामले में आठ कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी

भीलों से लड़ते हुए शहीद हुए टीआई के मामले की जांच में लापरवाही करने और पक्षद्रोही होने वाले 4 पुलिस अधिकारी और पांच कर्मचारियों पर सख्ती


गुना. कोन्याकला गांव में भीलों से लड़ते हुए शहीद हुए टीआई के मामले की जांच में लापरवाही करने और पक्षद्रोही होने वाले 4 पुलिस अधिकारी और पांच कर्मचारियों के खिलाफ शासन ने आरोप पत्र जारी कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि 10 सितंबर 2016 को ग्राम कोन्याकला में भील समाज ने  मीणा समाज के लोगों पर हमला कर मारपीट और आगजनी की घटना को अंजाम दिया था।  इस की सूचना लगते ही तत्कालीन चांचौड़ा के प्रभारी टीआई वीरसिंह सप्रे मौके पर पहुंचे और उपद्रवियों को समझाने का प्रयास किया।  इस दौरान उपद्रवियों ने उन पर भी हमला कर दिया था। जिसमें वह शहीद हो गए थे। इस घटना की विवेचना के बाद मामला कोर्ट में पेश में किया गया। यहां पर पुलिस अधिकारी और पुलिस कर्मी ठीक से पक्ष नहीं रख सके और्र पक्षद्रोही हो गए थे। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले मे आरोपियों को बरी कर दिया था।

वरिष्ठ अधिकारियों से की थी शिकायत
कोर्ट के निर्णय के  बाद टीआई वीएस सप्रे की पत्नी ने पुलिस कर्मियों की लापरवाही की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित राष्ट्रपति तक से की थी। इस शिकायत के बाद जिले के तत्कालीन एसपी प्रेम सिंह विष्ट ने मामले की जांच चांचौड़ा एसडीओपी एसएन मुखर्जी को सौंपी थी। एसडीओपी मुखर्जी ने मामले की जांच प्रतिवेदन एसपी को भेजा था। जांच के दौरान विवेचना और अन्य मामलों में खामियां पाई थी। तत्कालीन एसपी पीएस विष्ट ने प्रतिवेदन को आगे बढाया और यह आईजी के माध्यम से  शासन की ओर भेजा था। गृह विभाग ने इस मामले में चार अधिकारियों सहित नौ पुलिस कर्मियों को आरोप पत्र भेजे हैं।

इन पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों को नोटिस
तत्कालीन राघौगढ़ एसडीओपी अवधेश प्रताप सिंह, तत्कालीन उपनिरीक्षक मानसिंह परमार, तत्कालीन उपनिरीक्षक सत्यप्रकाश सक्सेना, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र सिंह भदोरिया, प्रधान आरक्षक शशिकपूर आरक्षक महेश दत्त आरक्षक लोकेंद्र और चालक आरक्षक सुरेंद्र भील शामिल हैं।

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