सीआरपीएफ ने मांगी सिपाहियों की कुंडली जानिए क्यों

Gwalior, Madhya Pradesh, India
 सीआरपीएफ ने मांगी सिपाहियों की कुंडली जानिए क्यों

 फर्जी जाति और निवास प्रमाण पत्र के जरिए सीआरपीएफ में सिपाही की नौकरी हासिल करने में उलझे आगरा के दोनों युवकों की पुलिस ने अब सीमा सुरक्षा बल के बंगरसिया (भोपाल) सेंटर से कुंडली मांगी है।

 ग्वालियर. फर्जी जाति और निवास प्रमाण पत्र के जरिए सीआरपीएफ में सिपाही की नौकरी हासिल करने में उलझे आगरा के दोनों युवकों की पुलिस ने अब सीमा सुरक्षा बल के बंगरसिया (भोपाल) सेंटर से कुंडली मांगी है।
एएसपी क्राइम आलोक कुमार सिंह ने बताया पवन पुत्र केदार सिंह और हुकुम सिंह पुत्र चंदन सिंह निवासी बहरावती (आगरा) ने 2009 में सीआरपीएफ के बंगरसिया सेंटर से नौकरी ज्वाइन की थी इसलिए उनका पूरा रिकॉर्ड सेंटर पर है। सवाल यह है आखिर दोनों ने सिपाही बनने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। किस तरह नौकरी हासिल की। दोनों ने ज्वाइनिंग में क्या पता और जाति लिखवाया है इसकी तस्दीक जानी है। डीआईजी सीआरपीएफ को भी पूरा घटनाक्रम बताकर दोनों आरक्षकों के दस्तावेज मांगे हैं। शुक्रवार शाम तक आरक्षकों का पूरा चिटठा मिल जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। क्योंकि शिकायतकर्ता ने दोनों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करना बताया है। उसने जो सुबूत दिए हैं उससेपवन और हुकुम सिंह ने कटघरे में हैं।


ये है मामला
बुधवार को क्राइम ब्रांच को शिकायत मिली थी पवन और हुकुम सिंह ने सीआरपीएफ में सिपाही बनने के लिए जाति और पते के फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किया है। दोनों आगरा के रहने वाले हैं। लेकिन खुद को शिवपुरी की हरिजन बस्ती का निवासी और सहरिया आदिवासी का जाति प्रमाण पत्र बनवाया है। शिकायतकार्ता का कहना था इन दोनों के अलावा कई और लोग इसी तरह भर्ती हुए हैं। शिकायत पर क्राइम ब्रांच की टीम ने आगरा जाकर भी दोनों आरक्षकों की तस्दीक कर रही है।

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