पुलिस ने एक साथ पकड़े दर्जनों युवक-युवती, फिर जो बात आई सामने उसे सुन पुलिस और अधिकारियों के उड़े होश

Gwalior, Madhya Pradesh, India
  पुलिस ने एक साथ पकड़े दर्जनों युवक-युवती, फिर जो बात आई सामने उसे सुन पुलिस और अधिकारियों के उड़े होश

मंगलवार से शुरू हो रही डीएड परीक्षा में केवल अन्य जिलों के बल्कि दूसरे प्रदेशों के भी छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं जिनके द्वारा वर्ष भर कक्षाएं नहीं ली गई और यह केवल परीक्षा देने के लिए आए हैं।

ग्वालियर/भिण्ड। मंगलवार से शुरू हो रही डीएड परीक्षा में केवल अन्य जिलों के बल्कि दूसरे प्रदेशों के भी छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं जिनके द्वारा वर्ष भर कक्षाएं नहीं ली गई और यह केवल परीक्षा देने के लिए आए हैं।

परीक्षा में शामिल होने आए इन छात्रों को यह भी नहीं पता कि उन्हें किस केंद्र पर परीक्षा में शामिल होने पहुंचना है और वह शहर में किस स्थान पर स्थित हैं। इन छात्रों से अवैध रूप सुविधाएं मुहैया कराने के एवज में मोटी रकम भी वसूली गई है।

उक्त सभी गड़बडिय़ों का खुलासा सोमवार को रात्रिकाल में कलेक्टर इलैया राजा टी के निर्देश पर ग्वालियर रोड स्थित सेमरपुरा में चौ. शिवकुमार प्रशिक्षण अकादमी में हुई छापामार कार्रवाई में हुआ। कलेक्टर के निर्देश पर पहुंचे एसडीएम संतोष तिवारी, नायब तहसीलदार प्रदीप ऋषीश्वर, सहायक संचालक शिक्षा  आरएस शाक्य, आरआई आलोक भदौरिया, बरोही थाना प्रभारी मनीष जादौन पुलिस बल के साथ अकादमी पर पहुंचे। छात्रों से पूछताछ की गई तब खुलासा हुआ कि छात्रों में कुछ झारखंड के हैं तो कुछ बालाघाट और सीधी जिले के हैं।

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करीब 92 छात्रों को अनाधिकृत तरीके से संरक्षण दिए जाने के खुलासे में कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने प्रशासन के नकल रोकने के लिए जबर्दस्त शिकंजे को धता बताने का प्रयास किया है। छात्रों से पूछताछ में पता लगा कि इनके एडमीशन कन्हैयालाल डीएड कालेज, बांकेबिहारी डीएड कालेज, पातीराम शिवहरे डीएड कालेज, शिव एज्यूकेशन एकेडमी आदि में हैं। इनमें कई को अपने कालेज और परीक्षा केंद्र के बारे में भी जानकारी नहीं है। इन सबकी जानकारी तब हो जब इन्होंने कक्षाएं अटैंड की हों।


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ठहरने व भोजन की कराई गई व्यवस्था
एक कॉलेज में अनाधिकृत रूप से रुके 90 से अधिक छात्रों के लिए ठहरने के साथ भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। निश्चित रूप से इसके एवज में इनसे बड़ी रकम वसूली गई है। छात्रों ने बताया फीस के नाम पर उनमें किसी से 1,10,000 तो किसी से 1,20,000 रुपए व किसी से 55,000 से 6 0,000 रुपए वसूल किए गए हैं।
 
कॉलेज संचालकों की साठगांठ का खुलासा
एक कालेज में बड़ी संख्या में विभिन्न कॉलेजों के छात्रोंं के रुके होने से यह भी प्रमाणित हो रहा है कि कॉलेज संचालकों की साठगांठ और नकल रोकने के प्रयासों को खत्म करने में जहां एक ओर प्रशासन ने एड़ी से चोटी तक जोर लगाया है वहीं कॉलेज संचालक अभी पस्त नहीं हुए है।  

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