डिमांड 12 कोच की पर मिले सिर्फ 6, जानिये क्या है मामला  

Gwalior, Madhya Pradesh, India
डिमांड
12 कोच की पर मिले
सिर्फ 6, जानिये क्या
है मामला  

ग्वालियर से श्योपुर तक सफर के लिए सबसे मुफीद साधन होने के बावजूद दो साल में नैरोगेज के 18 कोच आउटडेट हो जाएंगे। 

ग्वालियर। नैरोगेज की खस्ता हालत सुधारने के लिए रेलवे ज्यादा खर्च करने को तैयार नहीं है,जबकि ग्वालियर से श्योपुर तक सफर के लिए सबसे मुफीद साधन है। कस्बे और हजारों गांव के आवागमन की रीड ही नैरोगेज है।

साधनों की कमी के चलते डीआरसी को बार-बार बंद किया जा रहा है। व्हील के बाद अब कोचों के कमी होने वाली है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, साल 2018 दिसंबर तक नैरोगेज के 18 कोच आउटडेट हो जाएंगे। एक कोच की उम्र 25 साल होती है।

चित्र में ये शामिल हो सकता है: एक या और लोेग और बाहर

डिमांड से आधे कोच मिले

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नैरोगेज लाइन के कोच पुराने हो चुके हैं। कुछ आउटडेट होने से रनिंग से बाहर होने वाले हैं। नैरोगेज के लिए 12 कोच की डिमांड भेजी थी, लेकिन 6 कोच ही मिले हैं। पूना के नजदीक कुर्दबाड़ी वर्कशॉप को ऑर्डर दिया है।


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पटरी पर दौड़ रहे 28 कोच

नैरोगेज ट्रैक पर 28 कोच दौड़ रहे हैं। सात-सात कोच के 4 रैक चलाए जा रहे हैं। कुछ कोच काफी पुराने हैं। इसलिए बार-बार खराब होने की शिकायत भी आ रही हैं। नैरोगेज सेक्शन में 53 से ज्यादा कोच हैं। पहले इनकी संख्या 58 हुआ करती थी।


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अतिरिक्त कोच का टोटा

ब्रॉडगेज से लेकर नैरोगेज ट्रैक पर अरिरिक्त कोच का टोटा है। इसलिए इंटरसिटी, बरौनी, बुंदेलखंड समेत कुछ ट्रेनों में कोच सिक हो रहे हैं। निरीक्षण के दौरान तत्कालीन डीआरएम एसके अग्रवाल ने भी कोच की कमी को स्वीकारा था।

'नैरोगेज में नए कोचों की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल कुछ कोच का इंतजाम किया गया है। वक्त से पहले ही आउटडेट की जगह दूसरे आ जाएंगे।'

- विजय कुमार, सीपीआरओ


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इधर, ट्रेन से 3 मोबाइल और 10 हजार रुपए ले भागा चोर

रेलवे द्वारा यात्री सुरक्षा के नाम पर सैकडों दावे किए जाने के बावजूद रेल में यात्रियों का सामान अब तक सुरक्षित नहीं हो सका है। लगातार हो रही चोरियों के चलते जहां रेलवे की साख पर प्रश्र उठने शुरू हो गए हैं। वहीं हर चोरी के बाद की जाने वाली दिखावे की कार्रवाई से आम जनता परेशान हो चुकी है।

चित्र में ये शामिल हो सकता है: ट्रेन और बाहर

ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को अटारी-जबलपुर एक्सप्रेस में सामने आया जहां चोर एक यात्री के तीन मोबाइल फोन और पर्स उड़ा ले गए। यात्री के मुताबिक पर्स में 10 हजार रुपए और कुछ कागज थे।


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यह है मामला

ट्रेन के कोच एस-13 के बर्थ नंबर 63,64 पर अंबाला स्टेशन से सुनील कुमार का रिजर्वेशन था। ट्रेन के नई दिल्ली स्टेशन से निकलने के बाद चलती ट्रेन से उनका पर्स और बैग चोरी हो गया।

उन्होंने ट्रेन के टीटीई को सूचना देने के साथ ही कोच में चोरों को तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। हालांकि टिकट जेब में होने से बच गया। इससे सफर में दिक्कत नहीं आई। पीडि़त ने ग्वालियर स्टेशन उतरने के बाद जीआरपी थाने में चोरी का मामला दर्ज कराया। जीआरपी ने शून्य पर कायमी कर डायरी नई दिल्ली स्टेशन भेज दी।


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