इस बार 7 फरवरी तक चलेगा ग्वालियर व्यापार मेला

Gwalior, Madhya Pradesh, India
इस बार 7 फरवरी तक चलेगा ग्वालियर व्यापार मेला

मेला प्राधिकरण की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग में इस बार मेले की अवधि 25 दिसंबर से 7 फरवरी करने का निर्णय लिया गया। 

ग्वालियर।  व्यापार मेला लगने की अवधि को मेला प्राधिकरण ने मंगलवार को 10 दिन बढ़ा दिया है। मेला प्राधिकरण की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग में यह निर्णय लिया गया। बैठक मेला प्राधिकरण अध्यक्ष व संभाग आयुक्त एसएन रुपला की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विचार-विमर्श के बाद मेला की अवधि 25 दिसंबर से 7 फरवरी कर दी गई है। पहले यह 16 दिसंबर से 31 जनवरी तक थी। नोटबंदी के चलते मेला दुकानदारों को दुकान लगाने में दिक्कत को लेकर पत्रिका ने पूरा मामला उठाया था। 

दूसरे राज्यों के व्यापारियों ने व्यापारी संगठनों को परेशानियों को बताया था। मेला अवधि बढ़ाने के लिए मेला ग्वालियर व्यापार मेला और दुकानदार कल्याण समित ने मेला प्राधिकरण अध्यक्ष के ज्ञापन देकर मांग की। पत्रिका  ने दुकानदारों के हित में आवाज उठाई थी। मेला प्राधिकरण ने उनकी समस्या का निपटान कर दिया है। बैठक में अपर आयुक्त डीडी अग्रवाल, एसपी हरिनारायणचारी मिश्रा, प्रभारी कलेक्टर शिवराज वर्मा, जिपं सीईओ नीरज कुमार सिंह, मेला सचिव शैलेंद्र मिश्रा मौजूद रहे। 

मेले में यह आने की उम्मीद
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा सर्कस, जादूगर, मौत का कुंआ के अलावा विभागों की प्रदर्शनी लोगों को आकर्षित करेंगी। सभी अधिकारियों को विभागीय प्रदर्शनियां तय समय पर लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। दुकानदारों को भी तय वक्त में दुकान लगानी होगी, ताकि मेले की लय न बिगड़े। 

सैलानियों से लें सुझाव
बैठक में मेल को बेहतर बनाने के लिए इस दफा सुझाव आमंत्रित करने की व्यवस्था किए जाने का निर्णय भी लिया गया है। मेला प्राधिकरण इसके लिए सुझाव बॉक्स रखेगा। ताकि आगामी सालों में मेला की अव्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। साथ ही मेला तैयारी में लगे सभी लोगों के नंबर और नाम की सूची भी तैयार की जाएगी। 

इधर, नैक टीम ने किया कॉलेज ऑफ लाइफ साइंसेस का निरीक्षण 
राष्ट्रीय मूल्यांकन परिषद (नैक) की तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार को कॉलेज ऑफ लाइफ साइंसेस कैंसर चिकित्सालय का निरीक्षण किया। टीम में चेयरमैन प्रो. अवध किशोरराय कुलपति भागलपुर विवि, कोर्डिनेटर प्रो.वेदमूर्ति व डॉ. सीटी चक्रवर्ती शामिल थे, जिन्होंने कॉलेज के विभिन्न विभागों का  निरीक्षण किया, सबसे पहले कॉलेज प्राचार्य द्वारा प्रजेंटेशन दिया गया, जिसमें महाविद्यालय का पांच साल का लेखा-जोखा दिया गया। निरीक्षण दल ने वनस्पतिशास्त्र विभाग, जन्तुविज्ञान विभाग, माइक्रो बायोलॉजी, रसायनशात्र विभाग में सुविधाओं का आकलन किया। 

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