हनुमान बांध भरने प्रशासन ने कसा शिकंजा

Gwalior, Madhya Pradesh, India
हनुमान बांध भरने प्रशासन ने कसा शिकंजा

वीरपुर से हनुमान बांध तक जल भराव और अधिग्रहण क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जल संसाधन विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार...

ग्वालियर . वीरपुर से हनुमान बांध तक जल भराव और अधिग्रहण क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जल संसाधन विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। वहीं जिला प्रशासन भी इस ओर सख्त दिख रहा है। प्रशासन को बीते दिनों जल संसाधन विभाग ने 125 अतिक्रमणकारियों की सूची थमाते हुए बताया है कि इन्हें हटाए बिना बांध को  पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता। दरअसल स्वर्ण रेखा को लाइव करने के लिए हनुमान बांध को भरना जरूरी है। 
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जल संसाधन  विभाग के आग्रह पर हनुमान बांध के सीवर मैन होल और सीवेज टैंक कुछ ऊंचे किए जाएंगे, इसके लिए निगम तैयार है। साथ ही एेसे होल भी सुधारे जा रहे हैं, जिन्हें लोगों ने तोड़ दिया है, जिसके चलते हनुमान बांध में पानी नहीं भर पाता है। दो दिन पूर्व से हनुमान बांध को भरने के लिए साफ-सफाई और मरम्मत की कवायद विभाग ने शुरू कर दी है। विभागीय अफसरों के मुताबिक बांध के गेट पूरी तरह सुरक्षित हैं, इसके बावजूद उन्हें और स्वचालित करने बजट दिया जा रहा है। साथ ही वीरपुर से हनुमान बांध के बीच नहर सिस्टम को दुरुस्त करने को प्राथमिकता दी जा रही है। 
हनुमान बांध का महत्व : हनुमान बांध स्वर्ण रेखा का आधारभूत जल स्रोत है। ये बांध अन्य चार बांधों से कनेक्ट है। स्वर्ण रेखा अपने गोल्डन टाइम में इसी बांध से भरपूर पानी लेकर सदाबहार बहती थी, ये नदी अब तकरीबन पूरी तरह डेड  हो चुकी है।

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