यह स्कूल जहां बना है मैथमेटिकल पार्क, पढ़ाई बनी खेल 

Gwalior, Madhya Pradesh, India
   यह स्कूल जहां बना है मैथमेटिकल पार्क, पढ़ाई बनी खेल 

महाराजपुरा स्थित केन्द्रीय विद्यालय-२ में  बनाए गए हैं लर्निंग पार्क 


महेश गुप्ता @ ग्वालियर। प्राइमरी और हॉयर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में स्पोट्र्स एक्टिविटी के लिए मैदान, बैठने के लिए गार्डन बने तो देखे होंगे, लेकिन शहर के महाराजपुरा स्थित केन्द्रीय विद्यालय-२ में कुछ ऐसे लर्निंग पार्क बनाए गए हैं, जहां स्टूडेंट्स अपनी उलझन सुलझाते हैं। 

Image may contain: one or more people and outdoor

इन पार्कों में खेलकूद और मस्ती के साथ ही क्लास लगती है और स्टूडेंट्स प्रैक्टिकली चीजों को समझ पाते हैं।यहां मैथमेटिकल,जॉग्रफिकल, स्काउट एंड गाइड,हर्बल,ईको,योगा एंड मेडिटेशन पार्क व स्नेक गार्डन डवलप किए गए हैं। स्कूल की प्रिंसिपल रेखा सक्सेना ने बताया कि इन पार्कों की मदद से स्टूडेंट्स का कॉन्सेप्ट क्लियर करने की कोशिश होती है। जिससे वे बेसिक चीजों को समझ पाएं और सब्जेक्ट में पकड़ बने।


डिफिकल्ट क्वेश्चन का सॉल्युशन देते हैं पार्क 

Image may contain: 7 people, people standing and outdoor

लर्निंग पार्कों को केवल स्कूल की सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं बनाया गया है। स्कूल परिसर के अंदर बने इन पार्कों में टीचर के साथ बच्चे हफ्ते में दो दिन अपनी क्वेरीज सॉल्व करने पहुंचते हैं। मैथमेटिकल पार्क में फॉर्मूले, शेप्स, मेजरमेंट आदि को बताया गया है, तो जॉग्रफी में डेल्टा, दिन और रात का बदलना, एक ही समय में विभिन्न देशों का समय में परिवर्तन आदि की डीपली जानकारी शामिल की गई है। 

हाल ही में नया पार्क योगा एंड मेडिटेशन डवलप किया गया है, जिसका इनॉग्रेशन गत दिनों केन्द्रीय विद्यालय संगठन के कमिश्नर संतोष कुमार मल्ल ने किया था। साथ ही स्कूल को देश के टॉप टेन स्कूल में शामिल किया जाने की बात भी
कही थी। 


फैक्ट फाइल 
बनने में लगा समय :  लगभग 4 साल
पार्क की लागत :  लगभग दो से ढाई लाख रुपए (प्रति पार्क) 
यह-यह है स्कूल के पार्क में :  मैथमेटिकल, जॉग्रफिकल, स्काउट एंड गाइड, हर्बल, ईको, योगा एंड मेडिटेशन पार्क  एवं स्नेक गार्डन। 
वेस्ट का यूज कर तैयार किए पार्क
एक पार्क का खर्च लगभग दो से ढाई लाख रुपए है। लेकिन कम खर्च में इन्हें तैयार करने के लिए इसमें कुछ वेस्ट को शामिल किया गया। ये सभी पार्क थ्रीडी हैं, जिनको तैयार होने में चार साल का समय लगा। नेक्स्ट प्लानिंग इंग्लिश लैंग्वेज पार्क की है, जिसकी शुरुआत जल्द ही की जाएगी। 

मैथ्स से लगता था डर, इसलिए किया इनोवेशन  
प्रिंसिपल रेखा सक्सेना ने बताया कि मुझे बचपन में मैथ्स के फॉर्मूलों से बहुत डर लगता है। इस पर मैं सवालों को रट लिया करती थी। इससे मेरा बेस बहुत कमजोर रहा, जिसे मैंने बाद में क्लियर किया। बचपन से ही यह सोचा था कि इसे कैसे सरल बनाया जाए। इसके लिए मैंने यह इनोवेशन स्टूडेंट्स के लिए अब स्कूल में किया। लगभग चार साल पहले मैंने मैथमेटिकल पार्क बनाया, जिससे स्टूडेंट्स के कॉन्सेप्ट क्लियर हुए। उनमें काफी परिवर्तन देखने के बाद मैंने अन्य पार्क तैयार कराए। नेक्स्ट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। रेखा सक्सेना ने इन पार्कों में खुद के 1 लाख 66 हजार रुपए इन्वेस्ट 
किए हैं। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned