MPPSC 2015 का रिजल्ट घोषित, प्रियंका डीएसपी तो त्रिलोचन बने डिप्टी कलेक्टर

gwalior
  MPPSC 2015 का रिजल्ट घोषित, प्रियंका डीएसपी तो त्रिलोचन बने डिप्टी कलेक्टर

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2015 का फाइनल रिजल्ट बुधवार को घोषित कर दिया है। एमपीपीएससी टॉप टेन में शिवपुरी के त्रिलोचन गौर दूसरे स्थान पपर रहे। दतिया की संघमित्रा गौतम को 14वीं रैंक मिली है और उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है


ग्वालियर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2015 का फाइनल रिजल्ट बुधवार को घोषित कर दिया है। एमपीपीएससी टॉप टेन में शिवपुरी के त्रिलोचन गौर दूसरे स्थान पपर रहे। दतिया की संघमित्रा गौतम को 14वीं रैंक मिली है और उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है। अंचल के कई स्टूडेंट को सफलता मिली है। एक्सपर्ट के अनुसार रिजल्ट बढिय़ा रहा है ग्वालियर सहित अंचल के कई स्टूडेंट्स सिलेक्ट हुए हैं। 


त्रिलोचन गौर ने तीसरी बार एमपीपीएससी की परीक्षा दी। इससे पहले वे वर्ष 2013 में नायब तहसीलदार और वर्ष 2014 में डीएसपी के पद पर चयनित हो चुके हैं लेकिन उनका लक्ष्य डिप्टी कलेक्टर था। वर्ष 2015 में दी परीक्षा में उन्हें सफलता मिली और सपना पूरा हो गया। जबकि संघमित्रा का भी यह तीसरा अटेम्पट था। इससे पहले वे 2013 और 2014 में इंटरव्यू दे चुकी हैं लेकिन मनचाही पोस्ट नहीं मिलने के कारण उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। ग्वालियर के महेन्द्र सिंह गौतम डीएसपी और दीपक पाठक का चयन असिस्टेंट फाइनेंस डायेक्टर के पद पर हुआ है। 


भिंड की प्रियंका पहले अटैम्प्ट में बनीं डीएसपी

Image may contain: 1 person, child

भिंड की प्रियंका मिश्रा का चयन डीएसपी के पद पर हुआ है। यह उनका पहला अटेम्प्ट था। भिंड के ही रहने वाले सौरभ का चयन सीईओ जनपद पंचायत के लिए हुआ है। सौरभ वर्तमान में कमर्शियल टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। 


शैफाली का सीटीआई पर चयन 

Image may contain: 1 person, close-up

ग्वालियर की नवनीत ढिल्लन का चयन टे्रजरी ऑफिसर पर हुआ है। नवनीत का यह दूसरा अटेम्प्ट था और वे पेशे से डेंटिस्ट हैं। शैफाली अग्रवाल का चयन सीटीआई के पद पर हुआ है। 


सौरभ बने जनपद सीईओ 
शिवपुरी कर्मिशयल इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ सौरभ सिंह कुशवाह का एमपीपीएससी में जनपद सीईओ के पद पर चयन हुआ है। मूलत: भिंड के बंथरी गांव में रहने वाले सौरभ के पिता वीपी सिंह कुशवाह भिंड में एडवोकेट हैं, जबकि बड़े भाई मंडी इंस्पेक्टर हैं। सौरभ ने बताया कि अभी मैं कर्मिशयल इंस्पेक्टर के पद पर हूं, लेकिन अब उसे छोड़कर जनपद सीईओ की कुर्सी संभालूंगा। वे कमॢशयल इंस्पेक्टर बनने के बाद भी प्रयास जारी रखे थे। उन्होंने कहा कि अब मैं आगे भी प्रयास जारी रखूंगा।


शिवपुरी के त्रिलोचन बने डिप्टी कलेक्टर 
शिवपुरी के कोलारस के गौड़ मौहल्ले में रहने वाले त्रिलोचन गौड़ ने एमपीपीएससी में दूसरा स्थान प्राप्त कर डिप्टी कलेक्टर का पद हासिल किया है। खास बात यह है कि त्रिलोचन ने यह चौथी बार सफलता हासिल की है। तीन बहनों में इकलौते भाई त्रिलोचन के पिता सूर्यप्रकाश गौड़ कोलारस में ही किसान हैं। त्रिलोचन के मन में शुरू से ही सरकारी नौकरी करने इच्छा थी और इसके लिए लगातार प्रयास भी किए। 

Image may contain: 1 person, close-up


त्रिलोचन का पहले एमपीपीएससी में महिला सशक्तिकरण अधिकारी के पद पर चयन हुआ। इसके बाद फिर त्रिलोचन ने जब परीक्षा दी और नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए। लेकिन त्रिलोचन ने प्रयास लगातार जारी रखे तो पिछली बार चयन डीएसपी के पद पर हुआ। लेकिन वो अभी नायब तहसीलदार की ट्रेनिंग भोपाल में कर रहे हैं। एमपीपीएससी-15 का रिजल्ट आया तो त्रिलोचन का सिलेक्शन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है। 


त्रिलोचन का कहना है कि जब तक मेरा आदेश नहीं आता, तब तक मैं वर्दी पहनकर देश की सेवा करूंगा। उनका कहना है कि डीएसपी के पद पर वर्दी का शौक भी पूरा करुंगा और जब डिप्टी कलेक्टर का आदेश आ जाएगा तो सामान्य प्रशासन में सेवा करूंगा। त्रिलोचन ने मोतीलाल नेहरू यूनिवर्सिटी इलाहाबाद से बी-टेक किया है। त्रिलोचन की छोटी बहन शैलजा गौड़ पुलिस सब इंस्पेक्टर के पद पर ग्वालियर में पदस्थ हैं।  एमपीपीएससी के सेकंड टॉपर त्रिलोचन गौड़ ने एनआईटी अहमदाबाद से बीटेक किया। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज बडौदरा में जॉब की। लेकिन जॉब छोड़कर एमपीपीएससी की तैयारी में जुट गए। 

नरेश की एमपी पीएससी में 180वी रैंक
एमपी पीएससी में डबरा के करही के रहने वाले नरेश मुदगल का चयन वाणिज्य कर निरीक्षक के रूप में हुआ है। नरेश ने पत्रिका से चर्चा करते हुए बताया कि रिजल्ट को लेकर सुबह से ही मन में कई तरह के विचार आ रहे थे। मुझे अपने चयन का पूरा विश्वास था कि अच्छी रैंक मिलेगी। लेकिन जब बड़े भाई (डबरा में रहते है) ने मुझे शाम 7 बजे फोन कर बताया तब जाकर पूरा विश्वास हुआ। ग्राम कोरी का चक स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षक नरेश ने बताया कि वे फिलहाल दिल्ली में हैं। उन्होंने बताया कि मेरे


 भी दो दोस्तों का चयन हुआ है उनके साथ में ही सेलिबे्रट कर रहा हूं, जिस मुकाम पर पहुंचा हूं वहां अपने घर वालों की याद आ रही है। नरेश की एमपी पीएससी में 180वी रैंक आई है। उन्होंने बताया कि मैंने दिल्ली में आईसीएस कोचिंग में वर्ष 2016 में अध्ययन किया। प्रतियोगी परीक्षा के लिए मैंने 12 से 14 घंटे तक पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि जो युवा किसी वजह से प्रतियोगी परीक्षा में चयनित नहीं हो पाते उन्हें लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। मैं गांव से आया हूं। मैंने लगातार प्रयास किए तब जाकर मुझे सफलता मिली। उन्होंने अपने चयन के लिए पिता परशुराम मुदगल व भाई सुनील मुदगल व परिवार को पूरा श्रेय दिया। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned