छत से संजोएंगे बारिश, फिर पानी में होगा 'जल महल'

Gwalior

छत
से संजोएंगे बारिश,
फिर
पानी में होगा 'जल
महल'

ग्वालियर। गर्मी के दिनों में पेयजल की किल्लत से शहर की कई कॉलोनी-मोहल्ले जूझ रहे हैं। बारिश में बहुत सारा पानी बर्बाद हो जाता है। वहीं शहर की बावड़ी-कुआ कचरे से पटे पड़े हैं...

ग्वालियर। गर्मी के दिनों में पेयजल की किल्लत से शहर की कई कॉलोनी-मोहल्ले जूझ रहे हैं। बारिश में बहुत सारा पानी बर्बाद हो जाता है। वहीं शहर की बावड़ी-कुआ कचरे से पटे पड़े हैं। नगर निगम और समाजसेवी एकजुट होकर पहली बार शारदा विहार कॉलोनी की बावड़ी (जल महल) का जीर्णोद्धार करने जा रहे हैं।

बावड़ी को रीचार्ज करने के लिए बारिश के दिनों में कॉलोनी के घरों की छतों के पानी को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से एकत्रित किया जाएगा। पानी का वाटर प्यूरीफिकेशन एवं ट्रीटमेंट करके बावड़ी में संजोया जाएगा। फिलहाल बावड़ी की सफाई शुरू हो चुकी है।

शारदा विहार कॉलोनी का पानी का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। करीब तीन सौ साल पुरानी बावड़ी में कचरा डालने से वो भी मृत हो चुकी थी। महलनुमा नक्काशी से बनी यह बावड़ी पिछले कई सालों मलवा और गंदगी की वजह से सूखी है। इस बावड़ी को फिर से ङ्क्षजदा करने के लिए क्षेत्रीय लोगों ने पहल की। नगर निगम के अफसरों पर दबाव बाद पहले बावड़ी की सीढि़यों से मलवा हटवाया गया। इसके बाद बावड़ी को पुन: रीचार्ज किए जाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया। प्रोजेक्ट के मुताबिक बावड़ी के आस-पास के घरों की छतों का बारिश का पानी को वाटर हार्वेस्टिंग से लाया जाएगा। बारिश के पानी को बावड़ी में लाने के लिए बावड़ी के गहरे तल की सफाई कराई जा रही है। जैसे-जैसे बावड़ी के कुएं की सफाई होती जा रही है वैसे-वैसे पानी के स्रोत भी निकलते जा रहे हैं।

साढ़े चार लाख रुपए होंगे खर्च: निगमायुक्त अनय द्विवेदी ने बावड़ी के जीर्णोद्धार के लिए साढ़े चार लाख की स्वीकृति दे दी। प्रोजेक्ट का दायित्व सीवर प्रोजेक्ट के नोडल आफिसर शिशिर श्रीवास्तव को सौंपा गया है। नोडल ऑफिसर श्रीवास्वत का कहना है कि बावड़ी के जीर्णोद्धार किए जा रह है। बारिश शुरू होने से पहले आस-पास के मकानों से पानी बावड़ी में लाया जाएगा।

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