लर्निंग पार्क में पढ़ाई बनी खेल

rishi jaiswal

Publish: Feb, 17 2017 01:42:00 (IST)

Gwalior, Madhya Pradesh, India
लर्निंग पार्क में पढ़ाई बनी खेल

प्राइमरी और हॉयर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में स्पोट्र्स एक्टिविटी के लिए मैदान, बैठने के लिए गार्डन बने तो देखे होंगे, लेकिन शहर के महाराजपुरा स्थित केन्द्रीय विद्यालय-2 में इससे इतर कुछ ऐसे लर्निंग पार्क  बनाए गए हैं, जहां स्टूडेंट्स अपनी उलझन सुलझाते हैं।

ग्वालियर. प्राइमरी और हॉयर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में स्पोट्र्स एक्टिविटी के लिए मैदान, बैठने के लिए गार्डन बने तो देखे होंगे, लेकिन शहर के महाराजपुरा स्थित केन्द्रीय विद्यालय-2 में इससे इतर कुछ ऐसे लर्निंग पार्क  बनाए गए हैं, जहां स्टूडेंट्स अपनी उलझन सुलझाते हैं। इन पार्कों में खेलकूद और मस्ती के साथ ही क्लास लगती है और स्टूडेंट्स प्रैक्टिकली चीजों को समझ पाते हैं। यहां मैथमेटिकल, जॉग्रफिकल, स्काउट एंड गाइड, हर्बल, ईको, योगा एंड मेडिटेशन पार्क  एवं स्नेक गार्डन डवलप किए गए हैं। स्कूल की प्रिंसिपल रेखा सक्सेना ने बताया कि इन पार्कों की मदद से स्टूडेंट्स का कॉन्सेप्ट क्लियर करने की कोशिश होती है। जिससे वे बेसिक चीजों को समझ पाएं और सब्जेक्ट में पकड़ बने।
क्वेरीज का सॉल्यूशन देते हैं पार्क
लर्निंग पार्कों को केवल स्कूल की सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं बनाया गया है। स्कूल परिसर के अंदर बने इन पार्कों में टीचर के साथ बच्चे हफ्ते में दो दिन अपनी क्वेरीज सॉल्व करने पहुंचते हैं। मैथमेटिकल पार्क में फॉर्मूले, शेप्स, मेजरमेंट आदि को बताया गया है, तो जॉग्रफी में डेल्टा, दिन और रात का बदलना, एक ही समय में विभिन्न देशों का समय में परिवर्तन आदि की डीपली जानकारी शामिल की गई है। हाल ही में नया पार्क योगा एंड मेडिटेशन डवलप किया गया है, जिसका इनॉग्रेशन गत दिनों केन्द्रीय विद्यालय संगठन के कमिश्नर संतोष कुमार मल्ल ने किया था। साथ ही स्कूल को देश के टॉप टेन स्कूल में शामिल किया जाने की बात भी कही थी।
मैथ्स से था डर, इसलिए किया इनोवेशन  
प्रिंसिपल रेखा सक्सेना ने बताया कि मुझे बचपन में मैथ्स के फॉर्मूलों से बहुत डर लगता है। इस पर मैं सवालों को रट लिया करती थी। इससे मेरा बेस बहुत कमजोर रहा, जिसे मैंने बाद में क्लियर किया। बचपन से ही यह सोचा था कि इसे कैसे सरल बनाया जाए। इसके लिए मैंने यह इनोवेशन स्टूडेंट्स के लिए अब स्कूल में किया। लगभग चार साल पहले मैंने मैथमेटिकल पार्क बनाया, जिससे स्टूडेंट्स के कॉन्सेप्ट क्लियर हुए। उनमें काफी परिवर्तन देखने के बाद मैंने अन्य पार्क तैयार कराए। नेक्स्ट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। रेखा सक्सेना ने इन पार्कों में खुद के 1 लाख 66 हजार रुपए इन्वेस्ट किए हैं।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned