परिजन बोले, पैसों के लिए वेंटिलेटर पर रख, मृत को बताते रहे जिंदा

avdesh shrivastava

Publish: Jun, 21 2017 01:55:00 (IST)

Gwalior, Madhya Pradesh, India
परिजन बोले, पैसों के लिए वेंटिलेटर पर रख, मृत को बताते रहे जिंदा

उप्र से आए दो घायल युवकों को लेकर झांसीरोड स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में हंगामा हो गया। परिजन का आरोप है कि डॉक्टरों ने पैसों के लालच में एक मरीज की मौत हो जाने के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखकर जिंदा बताया।

ग्वालियर. उप्र से आए दो घायल युवकों को लेकर झांसीरोड स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में हंगामा हो गया। परिजन का आरोप है कि डॉक्टरों ने पैसों के लालच में एक मरीज की मौत हो जाने के बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखकर जिंदा बताया। जबकि उसकी सांस पहले ही थम चुकी थी। जब शव उन्हें सौंपा गया तो वह दुर्गंध मार रहा था। इससे तो यही पता लगता है कि उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी।
16 जून को जमालपुर ललितपुर निवासी मूलचन्द्र उम्र 40 व संतोष को भर्ती कराया गया था। हेड इंजुरी के चलते दोनों भाइयों की हालत गंभीर थी। अस्पताल में दोनों का ऑपरेशन भी हुआ। आईसीयू में वेंटिलेटर पर दोनों को रखा गया। इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने परिजन से करीब एक लाख रुपए जमा करने को कहा। परिजन ने पैसे न होने की बात कहते हुए मरीजों को सरकारी अस्पताल ले जाने को कहा, तो मरीजों को डिस्चार्ज नहीं किया गया। इस बात को लेकर शाम तक अस्पताल में हंगामा चलता रहा। शाम को पता लगा कि एक मरीज की मौत हो गई। इस मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएस जादौन को फोन पर की गई थी, लेकिन सीएमएचओ कार्यालय से कोई रिस्पांस नहीं मिला। देर शाम परिजन मूलचन्द्र का शव लेकर झांसी चले गए। वहीं देर रात मृतक के परिजन उसे लेकर वापस ग्वालियर आए। संभवत: बुधवार को शव का पीएम कराया जाएगा।

पैसों के लिए पति को मशीन पर रखे रहे। हमने दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा, तो पहले पैसे दो, तब ले जाओ। यह डॉक्टरों ने कहा। शाम को लाश हमें दे दी।
मालती, मृतक की पत्नी  

मरीज को गंभीर अवस्था में लाए थे
मरीज गंभीर अवस्था में आए थे। इसलिए उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। डिस्चार्ज करने को लेकर पैसों की मांग की कोई बात ही नहीं है। मरीज कोमा में था, लेकिन उसकी दिल की धड़कन चल रही थी।
कौशलेन्द्र तोमर, संचालक, आयुष्मान हॉस्पिटल 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned