जानिये जीएसटी पर सेमिनार के दौरान क्या बोले एक्सपर्ट

Gwalior, Madhya Pradesh, India
जानिये जीएसटी पर सेमिनार के दौरान क्या बोले एक्सपर्ट

मप्र चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) पर आयोजित एक दिवसीय सेमिनार के दौरान बोले एक्सपर्ट। दो सत्रों में हुए सेमिनार के दूसरे सत्र में बैंगलुरु से आए टैली विशेषज्ञ विकास वर्मा ने टैली पर जानकारी दी। 

ग्वालियर। वर्तमान में हर राज्य में एक ही उत्पाद की अलग-अलग कर की दरें हैं। इन दरों के कारण एक उत्पाद विशेष का व्यापार करने वाला व्यक्ति दूसरे राज्य में आसानी से व्यापार नहीं कर पाता था। जीएसटी आने से बिजनेस में ग्रोथ तो होगी ही साथ ही आसानी से कारोबारी देश भर में कारोबार कर सकेंगे। यह बात जीएसटी विशेषज्ञ और दिल्ली से आए सीए विमल जैन ने कही। 

वे मंगलवार को मप्र चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) पर आयोजित एक दिवसीय सेमिनार के दौरान बोल रहे थे। दो सत्रों में हुए सेमिनार के दूसरे सत्र में बैंगलुरु से आए टैली विशेषज्ञ विकास वर्मा ने टैली पर जानकारी प्रदान की। चैंबर भवन में आयोजित हुए सेमिनार में काफी संख्या में व्यापारी मौजूद थे। 



17 अप्रत्यक्ष कर खत्म होंगे
सीए विमल जैन ने कहा कि जीएसटी के दुनिया भर में 5 मॉडल हैं और हमारी सरकार ने इनमें से एक मॉडल को अपनाया है। बेस्ट मॉडल यह होता है कि केन्द्र सरकार टैक्स लगाती और सभी राज्यों को उनका शेयर दिया जाता है। ऐसा मॉडल ऑस्ट्रेलिया और चायना में है, परंतु राज्य सरकारें इसके लिए सहमत नहीं थीं। दूसरा मॉडल अमेरिकी तर्ज पर होता जिसमें केवल राज्य टैक्स लेते हैं, लेकिन ये केन्द्र सरकार को पसंद नहीं था। इसके चलते हमारी सरकार ने ड्यूल जीएसटी मॉडल अपनाया है, जिसमें दोनों ही सरकारें टैक्स लेंगी। इस जीएसटी से 17 अप्रत्यक्ष कर समाप्त हो जाएंगे। 



कम दर पर मिलेगा उत्पाद
सीए विमल जैन ने बताया कि अभी हर राज्य में एक ही उत्पाद पर अलग-अलग कर की दरें होने के कारण आम आदमी को उत्पाद महंगा मिलता था। जीएसटी लागू हो जाने के बाद उनकी दरों में कमी हो जाएगी। इसमें करों की समानता होने के बाद जो कर ग्वालियर में है वहीं कर, कश्मीर से कन्याकुमारी तक लगेगा। 



ये रहे मौजूद:  चैंबर ऑफ कॉमर्स में हुए सेमिनार के दौरान चैंबर अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, मानसेवी सचिव डॉ.प्रवीण अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुरेश बंसल, जीएल भोजवानी, दीपक वाजपेयी, राकेश अग्रवाल आदि मौजूद थे। इस अवसर पर सीएम विमल जैन ने व्यापारियों और उद्यमियों की जीएसटी से संबंधित जिज्ञासाओं को भी शांत किया। 



अगले साल जुलाई तक लागू हो सकेगा जीएसटी
पत्रिका से बातचीत के दौरान सीए विमल जैन ने कहा कि जीएसटी को अगले साल जुलाई के पहले सप्ताह तक ही लागू हो पाएगा क्योंकि व्यापारी अभी इसकेे लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। जीएसटी से देश में एक कॉमन मार्केट का निर्माण हो जाएगा। 

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