scriptbadland of Chambal, Yamuna and Mahi become Greening | चम्बल, यमुना, माही के बीहड़ों में छाएगी हरियाली | Patrika News

चम्बल, यमुना, माही के बीहड़ों में छाएगी हरियाली

चम्बल, यमुना व माही नदी के बीहड़ों को सरसब्ज करने के लिए अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय मृदा एवं जल संरक्षण अनुसंधान केंद्र ने एक वृहद् परियोजना तैयार की है। इस परियोजना को अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बजट स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा है।

जयपुर

Published: December 22, 2015 12:58:14 pm

चम्बल, यमुना व माही नदी के बीहड़ों को सरसब्ज करने के लिए अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय मृदा एवं जल संरक्षण अनुसंधान केंद्र ने एक वृहद् परियोजना तैयार की है। इस परियोजना को अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बजट स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा है। केंद्रीय मृदा एवं जल संरक्षण अनुसंधान केंद्र कोटा, आगरा, वासद के मृदा वैज्ञानिकों ने करीब डेढ़ साल तक तीनों नदियों के बीहड़ों का सर्वे कर बीहड़ सुधार का प्रोजेक्ट तैयार किया। सर्वे में ज्ञात हुआ है कि सबसे खतरनाक स्थिति में चम्बल नदी के बीहड़ हैं। बरसात के दिनों में चम्बल नदी में तेज बहाव के चलते भिण्ड, मुरैना, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर जिले में नदी के दोनों ओर दो किलोमीटर तक 30-35 मीटर गहरे बीहड़ बन गए हैं। कई जगहों पर तो बीहड़ नदियों के किनारे बसे गांवों तक भी पहुंच चुके हैं।

बजट आवंटन पर मंथन

अधिकारियों ने परियोजना के बजट आवंटन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। जहां इस विषय पर मंथन किया जा रहा है कि पूरा बजट केंद्र सरकार ही आवंटित करें या फिर सम्बंधित राज्यों से अपने क्षेत्र के बीहड़ सुधार के लिए बजट आवंटित कराया जाए या फिर केंद्र व राज्य सरकार सांझा बजट आवंटित करें।

चेक डेम बना सकते हैं
वैज्ञानिकों ने प्रोजेक्ट में स्पष्ट किया है कि किस प्रकार से बीहड़ का सुधार कर उपयोगी बनाया जा सकता है। बीहड़ों में चेकडेम बनाकर मिट्टी का कटाव रोका जा सकता है। वन तकनीक के माध्यम से पौधोपरण किया जा सकता है। इन्हें समतल भी किया जा सकता है।

सुधार के लिए चाहिए 13000 करोड़
केंद्र के वैज्ञानिकों ने परियोजना में उल्लेख किया है कि तीनों नदियों के किनारों पर 10 लाख हैक्टेयर में बीहड़ बने हुए है। जिन्हें सुधारने की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। तीनों नदियों के बीहड़ों को सुधारने के लिए 13 हजार करोड़ के बजट की आवश्यकता जताई है।

चंबल में सबसे ज्यादा हैं बीहड़
चम्बल नदी में सबसे ज्यादा बीहड़ क्षेत्र मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में 92991 हैक्टेयर हैं। वहीं भिण्ड जिले में 69400, सवाईमाधोपुर में 81987, कोटा जिले में 41885 हैक्टेयर, धौलपुर में 35762 तथा बूंदी जिले में 25483 हैक्टेयर में बीहड़ है। यमुना नदी में उत्तरप्रदेश के आगरा जिले में 37075, इटावा जिले में 24491 हैक्टेयर में बीहड़ हैं। माही नदी में गुजरात के बड़ोदरा जिले में 28145 तथा खेड़ा जिले में 15873 हैक्टेयर में बीहड़ हैं।

परियोजना केंद्र को भेज दी
बीहड़ सुधार की वृहद परियोजना तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी है। तीनों नदियों के करीब 10 लाख हैक्टेयर बीहड़ सुधारने का प्रोजेक्ट तैयार किया है। जिसमें करीब 13 हजार करोड़ के बजट की सिफारिश की है।
डॉ. आर. के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, केंद्रीय मृदा एवं जल संरक्षण अनुसंधान केंद्र, कोटा

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