यूजीसी के मापदंडों पर खरा न उतरने से अंचल के 25 निजी कॉलेजों की मान्यता अटकी

avdesh shrivastava

Publish: Apr, 21 2017 01:25:00 (IST)

gwalior

यूजीसी के
मापदंडों पर खरा न उतरने से
अंचल के 25 निजी
कॉलेजों की मान्यता अटकी

ग्वालियर। जीवाजी यूनिवर्सिटी (जेयू) से संबद्ध कई निजी कॉलेजों में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता अटक गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2017-18 के लिए पाठ्यक्रमों की मान्यता के आवेदनों को पहली समीक्षा बैठक में खारिज कर दिया है। इनमें ग्वालियर के 44 में से ...

ग्वालियर। जीवाजी यूनिवर्सिटी (जेयू) से संबद्ध कई निजी कॉलेजों में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता अटक गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2017-18 के लिए पाठ्यक्रमों की मान्यता के आवेदनों को पहली समीक्षा बैठक में खारिज कर दिया है। इनमें ग्वालियर के 44 में से 25 कॉलेज शामिल हैं, जबकि प्रदेश में ऐसे कॉलेजों की संख्या 142 से ज्यादा है। कॉलेजों ने पिछले साल शुरू किए गए पाठ्यक्रमों की निरंतरता के लिए आवेदन किया था। विभाग को आवेदनों की समीक्षा के दौरान कई स्तर पर खामियां मिली हैं।

अधिकारी बताते हैं कि इन कॉलेजों में से ज्यादातर के पास यूजीसी के मापदंड के अनुसार कॉलेज कोड 28 के तहत शिक्षक नहीं हैं। साथ ही कॉलेजों ने आय-व्यय की जानकारी भी विभाग को नहीं दी है। इन कमियों को देखते हुए विभाग ने इन कॉलेजों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने से इंकार कर दिया है। यदि कॉलेज इन कमियों को दूर नहीं करते हैं तो विभाग दूसरे व तीसरे वर्ष में भी इन पाठ्यक्रमों को निरंतर करने के लिए एनओसी जारी नहीं करेगा। इसका सीधा नुकसान इन पाठ्यक्रमों में एडमिशन लेने वाले छात्रों को उठाना पड़ेगा। इन पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाने के लिए दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट करना पड़ सकता है।

कॉलेजों में मिलीं गंभीर खामियां: कॉलेजों ने यूजीसी मापदंड के अनुसार कॉलेज कोड 28 के तहत शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की है। शिक्षकों को बैंक की बजाए वेतन का नकद भुगतान किया जा रहा है। विगत वर्ष की परीक्षा के रिजल्ट और प्रवेशित छात्रों की संख्या नहीं बताई है। शिक्षकों व कर्मचारियों के ईपीएफ कटौती के सभी दस्तावेज गायब हैं। यूजीसी वेतनमान से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।

आय-व्यय का ब्यौरा नहीं दिया: विभागीय सूत्रों के अनुसार, कई कॉलेजों ने बैंक खाते व आय-व्यय के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं। कुछ कॉलेजों की जमीन की लीज समाप्त हो चुकी है। कई कॉलेजों को वर्ष 2015 में प्रोफेशनल कोर्स के लिए एनओसी जारी की गई थी, लेकिन उन्होंने न तो 2016 में आवेदन किया और न ही जीरो ईयर का प्रमाण पत्र दिया। 10 से 20 किमी के दायरे में प्राइवेट कॉलेज संचालित नहीं होने का सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं करना।

लापरवाह कॊलेजों से सिखाएंगे सबक

ऐसे कॉलेजों को एनओसी बिल्कुल नहीं मिलेगी जो यूजीसी के मापदंडों को पूरा नहीं करते हैं। कॉलेजों में शिक्षकों की न्युक्ति नियमों के तहत तथा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। जो कॉलेज नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें सबक सिखाया जाएगा।

आशीष उपाध्याय, पीएस, उच्च शिक्षा विभाग


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