यूपी के कई जिलों सहित नागालैंड से जुड़े है गिरोह के तार, चार गिरफ्तार

Nitin Srivastava

Publish: Jul, 18 2017 01:56:00 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
 यूपी के कई जिलों सहित नागालैंड से जुड़े है गिरोह के तार, चार गिरफ्तार

जिले की पुलिस ने वाहनों को फाइनेंस कराकर फिर उसका चेचिस नंबर बदल कर फिर से फाइनेंस कराने सहित वाहनों के रजिस्ट्रेशन में करोड़ों के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है।

हरदोई. जिले की पुलिस ने वाहनों को फाइनेंस कराकर फिर उसका चेचिस नंबर बदल कर फिर से फाइनेंस कराने सहित वाहनों के रजिस्ट्रेशन में करोड़ों के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। पुलिस का दावा है कि यह कई शातिरों का गिरोह हैै जो लंबे समय से यूपी के कई जिलों सहित नागालैंड तक सक्रिय है। अभी शुरूआती जांच में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूंछताछ में एआरआटीओ कार्यालय एक कर्मचारी सहित आठ लोगों के नाम सामने आए है जिनकी तलाश की जा रही है । पुलिस का मानना है कि मामले की जांच पूरी होने तक कई और नाम सामने आ सकते है । इनमे अभी एआरटीओ कार्यालय के कुछ कर्मचारी भी शक के दायरे में है। अपर पुलिस अधीक्षक निधि सोनकर ने उक्त मामले के खुलासे की जानकारी पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कांफ्रेस कर दी। एएसपी ने मामले का भंडाफोड़ करने वाले बिलग्राम के कोतवाल सत्येन्द्र सिंह व उनकी टीम को नगद पुरस्कार दिए जाने की संस्तुति करने की बात भी कही।


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पकड़ा गया गिरोह

एएसपी निधि सोनकर ने बताया कि बिलग्राम पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग फाइनेंस कंपिनयों से विभिन्न वाहनों को फाइनेंस कराने के बाद उनका चेसिस नंबर बदल कर नया रजिस्ट्रेशन कराकर लाखों की धोखाधड़ी करते है और फाइनेंस कंपनी अपने कर्ज की रकम को लेकर वाहनों के चोरी होने से लेकर बीमा क्लेम की कार्रवाई करती है। जो कि पुलिस के लिए भी सिरदर्द साबित होता कि आखिर चोरी के वाहनों की बरामदगी कैसे हो और फिर बीमा क्लेम से लेकर कई खेल होते है । इस सूचना पर कोतवाल सत्येन्द्र सिंह ने अपनी टीम एसआई घनश्याम शुक्ला, रमेश सिंह व कांस्टेबिल विनोद त्रिपाठी,, अंकुर राठी, अंकित पवार व चालक पंकज कुमार के साथ छापा मारा तो बसहरपुरवा मार्ग के निकट एक डीसीएम व ट्रक सहित पंकज उर्फ धर्मेन्द्र, विवेक शर्मा, राम गोबिंद, हरिनारायन खडे थे । पुलिस टीम को देख भागने का प्रयास किया मगर दबोच लिया । पूंछतांछ पर सारे राज उगल दिए । चारो उक्त वाहनों का सौदा करने के लिए कहीं जा रहे थे । गिरफ्तार चारों आरोपी हरदोई जिले के है । पुलिस की माने तो चारों ने पूंछतांछ के दौरान कई वाहनों को फाइनेंस कराने से लेकर चेचिस नंबर बदल कर नया रजिस्ट्रेशन कराकर लाखों की धोखाधडी करने की बात स्वीकार की । पुलिस का कहना है कि चारों के बताने के अनुसार इनका गिरोह यूपी के रामपुर, लखनऊ, हरदोई, सीतापुर सहित नागालैंड तक सक्रिय था और नागालैंड से फर्जी एनओसी आदि के जरिए एआरटीओ कार्यालय में नया रजिस्ट्रेशन कराते थे । वाहनों की चेचिस नंबर बेहद सफाई के साथ मिटाकर फर्जी चेचिस नंबर डाल कर पूरा फर्जीवाड़ा किया जाता है।




इन अरोपियों की है पुलिस को तलाश

कोतवाल सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि इस पूरे मामले में अभी तक उक्त चारों अरोपियों के अलावा रामपुर जनपद के एक डाक्टर जिनका सरनेम कालिया बताया गया को, लखनऊ के मडियावां क्षेत्र निवासी ज्ञान सिंह, हरदोई सिटी के राकेश , शंकर, बिलग्राम क्षेत्र के गुड्डू, ऋषेन्द्र, मो शरीफ के अलावा एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारी बीरेन्द्र आरोपी है । इनकी तलाश की जा रही है । गिरफ्तार उक्त चारो आरोपी से पूंछतांछ के साथ मामले की जांच चल रही जिसमें फाइनेस कंपनी, एआरटीओ कार्यालय के कुछ कर्मचारी शक के दायरे में है।


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