माहवारी के दिनों में दर्द से घबराएं नहीं, ऐसे करें उपचार 

Vikas Gupta

Publish: May, 18 2017 08:43:00 (IST)

Health
माहवारी के दिनों में दर्द से घबराएं नहीं, ऐसे करें उपचार 

माहवारी के दिनों में दर्द होना सामान्य बात है। लेकिन अक्सर महिलाएं इस बारे में डॉक्टरी सलाह लेने से हिचकिचाती हैं। बार-बार बरती गई लापरवाही कई बार सेहत पर भारी पड़ती है जो आगे चलकर गंभीर रूप में सामने आती है। आइए जानते हैं उन लक्षणों के बारे में जब डॉक्टरी सलाह जरूरी हो जाती है।

माहवारी के दिनों में दर्द होना सामान्य बात है। लेकिन अक्सर महिलाएं इस बारे में डॉक्टरी सलाह लेने से हिचकिचाती हैं। बार-बार बरती गई लापरवाही कई बार सेहत पर भारी पड़ती है जो आगे चलकर गंभीर रूप में सामने आती है। आइए जानते हैं उन लक्षणों के बारे में जब डॉक्टरी सलाह जरूरी हो जाती है।

माहवारी में दर्द क्यों
गर्भाशय की आंतरिक सतह को एंडोमेट्रियम कहते हंै। हर माह महिलाओं में हार्मोन का स्तर बदलता है और इनमें होने वाले बदलावों से एंडोमेट्रियम सतह भी प्रभावित होती है। एक निश्चित समय के बाद यह सतह रक्तस्राव के साथ शरीर से बाहर निकल जाती है जिसे माहवारी कहते हैं। इस एंडोमेट्रियम के बाहर निकलने से गर्भाशय का संकुचन होता है, जिससे दर्द होता है। कई बार बच्चेदानी में अंडा फूटने से भी दर्द होता है जो कि महीने के 15 दिन पहले होता है। यह दर्द कमर या पेट के नीचे वाले हिस्से में केंद्रित होता है व सामान्यत: सहनीय होता है लेकिन कुछ महिलाओं को कभी-कभी दर्द निवारक दवाएं लेनी पड़ती हैं।

इतने दिन सामान्य
माहवारी के दौरान सात दिन तक रक्त  स्राव होना सामान्य बात है। अगर पीरियड इससे कम दिन भी हों तो भी खतरे की कोई बात नहीं। लेकिन यदि माहवारी के दिनों में अचानक से बदलाव आ जाएं जैसे चार से सिर्फ एक दिन या दो से सात दिन होने लगे तो डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि यह थायरॉइड, संक्रमण या बच्चेदानी में गांठ आदि के लक्षण हो सकते हैं। 

दर्द होना सामान्य बात
माहवारी के दिनों में कुछ महिलाएं कमरदर्द की शिकायत करती हैं। वैसे तो ऐसा होना सामान्य है लेकिन कई बार मांसपेशियों का खिंचाव, रीढ़ की हड्डी में तकलीफ, गलत तरीके से उठने-बैठने या झुकने, कब्ज, संक्रमण आदि के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसलिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर उन्हें अपनी तकलीफ के बारे में विस्तार से बताएं। 

जब न हों समय से
अगर पीरियड स्किप हो जाएं तो फौरन विशेषज्ञ से सलाह लें। कई बार हार्मोनल बदलावों की वजह से ऐसा हो सकता है जिसके लिए डॉक्टर आवश्यक जांचें कराते हैं। माहवारी के दौरान होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए जरूरी है कि महिलाएं आयरन से भरपूर चीजें जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, खजूर, अंजीर, मूंग, ब्रोकली, मटर आदि खाएं। संतुलित आहार लें, भरपूर पानी पिएं, दही, छाछ, लस्सी, जूस और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थ अपनी डाइट में शामिल करें।

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