ऐसे करें नवजात शिशु की सुरक्षा और देखभाल

Vikas Gupta

Publish: May, 06 2017 12:04:00 (IST)

Health
ऐसे करें नवजात शिशु की सुरक्षा और देखभाल

नवजात शिशु का बीमार होना, ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम काफी कमजोर होता है।

जन्म के बाद के 2 साल बच्चे की जिंदगी के सबसे अहम वर्ष होते हैं। दो साल की उम्र तक अधिकतर बच्चे चलना और बोलना सीख जाते हैं। बच्चों को स्वस्थ रखकर माता-पिता उनका बेहतर पालन-पोषण कर सकते हैं। 

सडन डेथ क्यों?
एक साल तक के बच्चों की अचानक मौत के लिए सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। कभी-कभी सोते-सोते ही बच्चे की मौत हो जाती है, जिसे कॉट डेथ कहा जाता है। एक माह से एक साल के कई बच्चों की मौत सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम से होती है। इनमें ज्यादातर बच्चे 2-4 महीने के होते हैं। इससे बचने के लिए गर्भावस्था के दौरान मां को पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना चाहिए।

बच्चों को पीठ के बल किसी समतल जगह या गद्दे पर सुलाना चाहिए। बच्चे के सोने की जगह से नर्म, रोएं वाले कंबल व खिलौने दूर रखने चाहिए। बच्चे को नियमित ब्रेस्ट फीड कराना चाहिए। मां का दूध बच्चे को सांस व पेट के इंफेक्शन से बचाता है, जो सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम की मूल वजह है।

इन पर रहे नजर
अगर बच्चे को 100.4 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा फीवर हो, तेज आवाज पर भी प्रतिक्रिया न दे, उसे दस्त हो, दिनभर चार से भी कम बार पेशाब आए और दूध पीने के बाद बच्चे के पेट में गैस बने तो इसे साधारण मानने की गलती न करें। बच्चे के अंबलिक्ल कॉर्ड (नाभि के आसपास) में लाल दाग या पस जमा हो जाए तो फौरन विशेषज्ञ को दिखाएं। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned