अब वीडियो कांफ्रैंसिंग से होगी हार्डकोर अपराधियों की पेशी

Yuvraj Singh

Publish: Dec, 02 2016 12:32:00 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
अब वीडियो कांफ्रैंसिंग से होगी हार्डकोर अपराधियों की पेशी

सभी जेलोंं में लगेंगे मोबाइल जैमर, पहले चरण में झज्जर, सोनीपत, गुडग़ांव व अंबाला होंगे कवर

चंडीगढ़। पंजाब की नाभा जेल ब्रेक की घटना के बाद हरियाणा सरकार जेलों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क हो गई है। आज इस मामले को लेकर जेल विभाग के आला अधिकारियों ने दिनभर मंथन करके कई अहम निर्णय लिए। जिन्हें जल्द से जल्द लागू किए जाने की दिशा में काम शुरू किया जा रहा है। हरियाणा के गृह सचिव राम निवास जेलो में होने वाले इस बदलाव को मोनिटर करेंगे।

सूत्रों के अनुसार हरियाणा सरकार ने प्रदेश की जेलों में जैमर लगाने का निर्णय लिया है। करीब सात करोड़ रुपए की लागत से पहले चरण में जेलों में जैमर लगाने का काम किया जाएगा। जिसके तहत झज्जर जिला की जेल में सात, सोनीपत में पांच तथा गुडग़ांव की भोंडसी जेल में दो जैमर लगाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार झज्जर तथा सोनीपत की जेलों को सबसे अधिक संवेदनशील मानते हुए जैमर के माध्यम से पूरी तरह कवर किया जाएगा। गुडग़ांव जिले की भौंडसी जेल में केवल हाईसिक्योरिटी सैल को ही जैमर की श्रेणी में शामिल किया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार जेलों में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए सेवानिवृत्त वार्डन को फिर से नियुक्ति दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए गृह विभाग द्वारा एक ड्राफ्ट योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी जेलों में बंद हार्डकोर अपराधियों को अदालतों में पेश करने की बजाए उनके केसों की सुनवाई वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से करवाई जाए। हालांकि सभी जेलों में यह सुविधा उपलब्ध है लेकिन उसका भी रिव्यू किया जा रहा है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों तथा जेल अधीक्षकों के बीच तालमेल को अधिक मजबूत करते हुए जेलों के बाहर पुलिस की पीसीआर वैन नियमित रूप से तैनात रहेगी। जेल महानिदेशक द्वारा सभी जेल अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह कैदियों के भीतर अपनी इंटलीजेंस को और मजबूत करते हुए उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखें।

एक बार फेल हो चुका है जैमर लगाने का प्रोजैक्ट

हरियाणा की जेलों में मोबाइल जैमर लगाने की योजना पर दूसरी बार काम हो रहा है। इससे पहले वोडाफोन कंपनी के माध्यम से सभी जेलों में जैमर लगाए गए थे लेकिन वह ट्रायल फेल हो गया था। कुछ  दिन काम करने के बाद जैमर ठप हो गए थे। जिसके चलते अब नए सिरे से जैमर लगाने की योजना शुरू की जा रही है।

कैसे काम करता है जैमर
सामान्य तौर पर एक जैमर की क्षमता 50 से 100 गज के भीतर होती है। इसके लिए मौसम का सामान्य होना जरूरी है। बारिश अथवा तेज हवा के मौसम में जैमर कई बार खुद ही अपनी दिशा बदल लेते हैं या फिर काम करना बंद कर देते हैं। जैमर की चिप बेहद संवेदनशील होती है। जिसके चलते पक्षियों से भी इसका बचाव करना पड़ता है।

जेलों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई अहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। सभी जेल अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आती जेलों का रिव्यू करके मुख्यालय को नियमित रिपोर्ट भेंजे। इसके अलावा जेलों की बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस की मदद भी ली जा रही है।-राम निवास,गृहसचिव, हरियाणा

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