नर्मदा तटों को हरा-भरा बनाने 10 क्विंटल बीज एकत्रित 

pradeep sahu

Publish: Apr, 21 2017 11:29:00 (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India
नर्मदा तटों को हरा-भरा बनाने 10 क्विंटल बीज एकत्रित 

15 से अधिक नर्सरियों में पौधे बनाने 50 हजार पॉलीथिन भी जुटाई, जून से शुरू होगा पौधरोपण 

होशंगाबाद. जिले में नर्मदा नदी के करीब 120 किमी दायरे में तट किनारों (रिपेरियन जोन) को सुरक्षित कर फिर से हरा-भरा बनाने के लिए हरी चुनरी पहनाने का अभियान जारी है। इसके लिए बीज कलेक्शन के साथ ही पॉलीथिन बंटोरने के काम में सफलता मिली है। अभी तक जिले में 56 प्रकार की प्रजाति के 10 क्विंटल बीज एकत्रित किए जा चुके हैं। इन बीजों से पौधे बनाने के लिए 50 हजार पॉलीथिन भी जुटा ली गई है। जून से करीब 15-16 नर्सरियां शुरू होंगी। जून के पहले सप्ताह से ही दुर्लभ प्रजाति के पौधे, वनस्पतियां और झाड़ी-बेल रोपी जाएंगी। पौधरोपण के कार्य को रिपेरियन जोन एक से लेकर चार तक बांटा गया है। बारिश में पौधरोपण का कार्य जोड़ पकड़ेगा। यह अभियान नर्मदा नदी के प्रदूषण को दूर करने एवं जल की धार को तेज करने के लिए चलाया जा रहा है। 

campaign
आर-वन, टू में बीज का छिड़काव होगा:त्नजन अभियान परिषद के जिला समन्वयक कौशलेंद्र तिवारी ने बताया कि कमिश्नर एवं कलेक्टर की देखरेख में मानव हस्तक्षेप से लगातार नष्ट हो रहे नर्मदा के रिपेरियन जोन के अस्तित्व को बचाने एवं इसे फिर से संवर्धित करने के लिए विशेष अभियान जारी है। रिपेरियन जोन के आर-वन एवं टू में जून माह से तटों पर क्यारियां बनाकर बीज छिड़के जाएंगे। आर-थ्री एवं फोर में बारिश शुरू होते ही गड्ढे कर पौधे लगाए जाएंगे। 
गांव में बना रहे समूह : जिले में कलस्टर के तहत हर गांव में दस समूहों का गठन किया जा रहा है। इनकी बैठकें कर जून-जुलाई माह में नर्मदा के 120 किमी दायरे में पौधरोपण कराया जाएगा।  
कॉलेजों में शुरू हुआ अभियान: ग्रामों के बाद अब कॉलेजों में भी बीज एकत्रिकरण के लिए अभियान शुरू किया गया है। इसकी शुरुआत होमसाइंस कॉलेज से हुई है। करीब 86 छात्राओं एवं कॉलेज स्टाफ की कार्यशाला आयोजित कर इन्हें बीज एकत्रित करने के लिए प्रेरित किया गया है। इसके बाद नर्मदा कॉलेज सहित जिले के अन्य कॉलेजों में भी बैठकें होंगी। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned