आरक्षक ने खाया जहर, सरकारी आवास में की आत्महत्या

devendra awadhiya

Publish: Jul, 18 2017 01:06:00 (IST)

hoshanga
आरक्षक ने खाया जहर, सरकारी आवास में की आत्महत्या

तनाव के चलते उठाया कदम, घटना के समय पत्नी एवं भांजी थी आवास पर, पिता ने भी छह माह पहले गांव में सल्फास खाकर कर ली थी आत्महत्या

होशंगाबाद. जिला पुलिस लाइन के आरक्षक बृजेश सोलंकी (35) ने सोमवार दोपहर लाइन के सरकारी आवास गंगा ब्लॉक के कमरा नंबर तीन में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। छह माह पहले ही उसके किसान पिता गुलाब सिंह सोलंकी ने बुदनी के अपने कुसुमखेड़ा गांव स्थित घर में सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जाता है कि पिता की मौत के बाद से पुत्र बृजेश भी तनाव में रहता था। पिता पर करीब 15 लाख का कर्ज था। यह भी पता चला है कि बृजेश शराब पीने का आदी था। नशे की हालत में वह पत्नी एवं रिश्तेदारों से झगड़ता था। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है।

arakshak Brajesh Solanki susaide

डॉक वितरण करता था आरक्षक
मूलत: बुदनी तहसील जिला सीहोर के कुसुमखेड़ा गांव निवासी जिला पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक बृजेश सोलंकी विभागीय डाक वितरण की ड्यूटी करता था। आज वह अवकाश पर था। दोपहर करीब 2 बजे उसने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। जीजा सोहन एवं साथी पुलिस कर्मी उसे मरणासन्न हालत में पहले पांडे हास्पिटल लेकर गए, जहां उसे मृत घोषित किए जाने के बाद शव को जिला अस्पताल लाया गया। जहां मरचुरी हाउस में पोस्टमार्टम के बाद कोतवाली पुलिस ने शव को परिजन को सौंप दिया।

पत्नी व दो बच्चों को छोड़ गया
बृजेश अपने पीछे पत्नी रजनी, छह वर्ष की बेटी सोम्या एवं 14 माह के बेटे को छोड़ गया। बृजेश की असामयिक मौत से पत्नी रजनी की हालत बिगड़ गई। उसे पांडे हास्पिटल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पूरा परिवार सदमे में आ गया है।

पिता ने भी कर ली थी आत्महत्या
बृजेश के पिता गुलाब सिंह सोलंकी ने भी गत जनवरी माह में अपने गांव कुसुमखेड़ा स्थित घर में सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार के पास 3३ एकड़ जमीन है। बृजेश का भाई नीतेश सोलंकी पिता के साथ रहकर खेती-बाड़ी में हाथ बंटाता है। जीजा सोहन के मुताबिक बृजेश के पिता पर सोसायटी का करीब 5-6 लाख, करीब 7 लाख आईसीआई बैंक एवं बिजली का करीब 3 लाख का कर्जा चल रहा था। सूदखोरों से भी कर्ज ले रखा था। इसी के चलते पिता गुलाब सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद ही बृजेश भी मानसिक रूप से परेशान था। वह शराब पीने का आदी भी हो गया था।

इनका कहना है...
विभागीय रूप से आरक्षक बृजेश सोलंकी को कोई परेशानी नहीं थी। घटना के पीछे पारिवारिक कारण हो सकते हैं। वह हैवी ड्रिंक्स करता था। उसमें गंभीरता की कमी भी थी। आत्महत्या करने के कारणों का पता पुलिस की मर्ग जांच के बाद ही चल सकेगा।
-जगदीश पाटिल, रक्षित निरीक्षक जिला पुलिस लाइन

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