अब मत करना व्हाट्स एप-फेसबुक पर बाघ की फोटो शेयरिंग

Amit Billore

Publish: Jun, 20 2017 08:09:00 (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India


अब मत करना व्हाट्स एप-फेसबुक पर बाघ की फोटो शेयरिंग

शेयरिंग हुई प्रतिबंधित, लोकेशन होती है टे्रस, नेशनल टाईगर कंसर्वेशन अथारिटी से देश के सभी टाईगर रिजर्व को भेजा गया पत्र, विभागीय स्तर पर बाघ संरक्षण को लेकर फोटो शेयरिंग रहेगी चालू

सोहागपुर।

अब फेसबुक और व्हाट्स एप अथवा अन्य सोशल मीडिया साईट पर वनाधिकारियों कर्मचारियों के लिए बाघ की फोटो शेयरिंग प्रतिबंधित रहेगी। जिसके पीछे मंशा है कि बाघों की लोकेशन आमजनों के बीच जाए। उक्ताशय का आदेश पत्र 17 जून 2017 को नेशनल टाईगर कंसर्वेशन अथारिटी(एनटीसीए)अधिकारी द्वारा देश के समस्त टाईगर रेंज्स के चीफ वाईल्ड लाईफ वार्डन को भेजा गया है।

पत्र मे अथारिटी के असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल आफ फोरेस्ट डॉ. वैभव सी माथुर ने उल्लेख किया है कि अथारिटी को लगातार संदेश मिल रहे थे कि टाईगर के फोटोग्राफ्स जानकारियां यहां तक कि जंगल में लगे ट्रैप कैमरे से प्राप्त की गई तस्वीरें भी व्हाट्स एप ग्रुप्स और फेसबुक आदि पर डाली जाती हैं। जिससे कि बाघ की लोकेशन अर्थात उसके पाए जाने के स्थान का खुलासा होता है। जिस पर रोक जरूरी है, ताकि वाईल्ड लाईफ अपराधों आदि पर रोक लगे, तथा आमजनों के बीच भी इस प्रकार की टाईगर लोकेशन उजागर हो। आगे उल्लेख है कि मात्र विभागीय कार्यों के लिए सोशल मीडिया पर तस्वीरों का आदान-प्रदान किया जा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत तरीके से अर्थात गु्रप्स में नहीं। उल्लेखनीय है कि एनटीसीए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं वातावरण परिवर्तन मंत्रालय के अधीन कार्यरत बाघों के संरक्षण के लिए कार्य करने वाला एक प्राधिकरण है।

हुई थी अंदरूनी जांच

उल्लेखनीय है कि मार्च 2017 में बफर जोन में जमानीदेव और बिनैका के बीच ट्रैपिंग कैमरे में आई बाघ की एक तस्वीर किसी वन कर्मचारी द्वारा अपने परिचितों के साथ शेयर की गई थी। जो कि बाद में अखबारों में भी प्रकाशित हुई थी। तथा इस बात पर से बफर जोन सतपुड़ा टाईगर रिजर्व अधिकारियों ने अंदरूनी जांच भी कराई थी कि ट्रैपिंग कैमरे की कार्यालयीन उपयोगी तस्वीर बाहर कैसे गई थी। सूत्रों के अनुसार उस कर्मचारी का नाम भी सामने गया था, जिसे कड़ी फटकार भी पड़ी थी।

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