डॉक्टर मीठे बोल  से करें इलाज

amit sharma

Publish: Jul, 17 2017 12:10:00 (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India
 डॉक्टर मीठे बोल  से करें इलाज

स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी चिकित्सकों को मरीज और उनके परिजनों से मधुर व्यवहार के निर्देश दिए

 होशंगाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों में अगर आपसे कोई डॉक्टर, नर्स या फिर पैरामेडिकल स्टाफ अच्छे से बात करे, तो हैरान होने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य संचानालय ने इसके लिए प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सामुदायिक अस्पतालों को दिशा निर्देश जारी किए हैं। संचानालय के आदेश का पालन कराने के लिए जिला अस्पताल प्रबंधन ने  भी दिशा निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग में अभी तक इस तरह के दिशा निर्देश सिर्फ मौखिक तौर पर या  वीडियो कांफें्रसिंग के दौरान ही दिए जाते थे। पहली बार इस तरह के लिखित आदेश स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए हैं। संचानालय से यह निर्देश मानव अधिकार आयोग की फटकार के बाद जारी किया गया है। सागर के प्रकरण क्रमांक 2430/सागर/2016 में रानु पति दुर्गा प्रसाद की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए इसके निर्देश दिए थे।

सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध कराएं
जिला अस्पताल में सभी डॉक्टर, स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों और उनके परिजनों से मधुर व्यवहार करना है। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल की सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करानी हैं। प्रबंधन को शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल के सभी वार्ड में मुख्यमंत्री हेल्प लाइन नंबर को लिखवाने के भी निर्देश हुए है। अस्पताल में शिकायत पुस्तिका पंजीकरण काउंटर पर ही रखी जाए। इसके साथ यह लिखा जाए कि यहां पर शिकायत पुस्तिका उपलब्ध है।

विवाद को टालने का प्रयास
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. दिनेश देहलवार ने बताया कि वे हमेशा ही मेडिकल स्टाफ और रोगी और उनके परिजनों के बीच के विवादों को टालने का प्रयास करते हैं। तमाम प्रयासों के बाद भी कई बार अप्रिय स्थिति निर्मित हो जाती है। इसका मुख्य कारण अस्पताल में क्षमता से अधिक मरीजों का होना है। डॉ. शिवेंद्र चंदेल ने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में इमरजेंसी में मरीज के परिजन तुरंत आराम चाहता है। कई बार मरीज का दर्द नहीं देख पाते हैं। जिसके कारण विवाद की स्थिति निर्मित होती है।

इनका कहना है...
संचानालय से निर्देश आए हैं कि डॉक्टर्स, स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ का मरीजों और उनके परिजनों के साथ मधुर व्यवहार को सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
डॉ.रविकांत शर्मा सीएस

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