स्कूल भवन में रेत और घर के बरामदे में स्कूल

Amit Billore

Publish: Jun, 19 2017 05:45:00 (IST)

Hoshangabad, Madhya Pradesh, India


स्कूल भवन में रेत और घर के बरामदे में स्कूल

विस्थापित चित्तौड़ पट्टन में ग्रामीण के घर में लगता प्रायमरी स्कूल, दो साल से तैयार हो रहा भवन, अब विस्थापन के उपरांत सोनपुर के बच्चे भी होंगे इसी स्कूल में शामिल, होगी परेशानी

सोहागपुर।

सतपुड़ा टाईगर रिजर्व से चित्तौड़ पट्टन को वर्ष 2013-14 में विस्थापित किया गया था। विस्थापन सोहागपुर के नजदीक किया गया लेकिन आज तक वहां स्कूल नहीं बन पाया है। जिसके कारण विस्थापित ग्राम निवासी एक आदिवासी के मकान के बरामदे में स्कूल लगाया जा रहा है।

Hoshangabad

शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रायमरी स्कूल गांववासाी अलसेठ पुत्र सब्बू उईके के निवास के बरामदे में लगाया जा रहा है। दो से अधिक सत्र यहां स्कूल इसी तरह से लग रहा है। और दो साल से ही करीब छह लाख रुपए लागत से स्वीकृत स्कूल भवन के अतिरिक्त कक्षों का निर्माण जारी है, जो कि अभी भी अधूरा ही है। गत दिवस जब भवन के हालात देखे गए तो नजर आया कि तो दीवारों पर प्लास्टर हो सका है, और ही फर्श बन पाई है। कक्ष में चारों ओर रेत ही रेत दिखाई दे रही है। जिससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि कम से कम दो माह का समय तो स्कूल भवन तैयार होने में लगेगा। मामले में बीआरसी जेपी रजक ने बताया कि कई बार सरपंच सचिव को कह दिया है कि भवन का कार्य कराएं, लेकिन कोई नहीं सुन रहा है।

सोनपुर भी बसा

इधर जानकारी अनुसार सोनपुर गांव का विस्थापित एक टोला भी पट्टन के समीप ही बसाया जा रहा है। तथा इसमें पूर्व के सोनपुर के प्रायमरी स्कूल के 14 विद्यार्थी आए हैं। इन बच्चों का प्रवेश भी पट्टन के ही प्रायमरी स्कूल में होगा। जानकारी अनुसार छोटे से बरामदे में पहले से ही पट्टन प्रायमरी स्कूल के 44 बच्चे बैठ रहे थे और अब संख्या नए विद्यार्थी मिलाने पर 58 हो जाएगी। स्पष्ट है कि बरामदे में कक्षा संचालन में परेशानी होगी।

दी है सूचना

मैंने शाला प्रबंधन से चर्चा की तथा ग्राम के जनप्रतिनिधियों को भी सूचित किया है कि भवन निर्माण जल्द कराएं। इसके अलावा जपं सीईओ से भी कहा है कि वे सरपंच सचिव से बात कर भवन का शेष कार्य जल्द पूर्ण कराएं, ताकि नए भवन में शाला जल्द संचालित हो।

जेपी रजक, बीआरसी, सोहागपुर

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned