मसूद के बैन पर चीन ने मांगा पुख्ता सबूत, बोला- हमारा रुख सबके लिए एक जैसा 

Anuj Shukla

Publish: Feb, 17 2017 06:39:00 (IST)

New Delhi, Delhi, India
मसूद के बैन पर चीन ने मांगा पुख्ता सबूत, बोला- हमारा रुख सबके लिए एक जैसा 

जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के मामले में चीन ने पुख्ता सबूत की मांग की है। 


बीजिंग. जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के मामले में चीन ने पुख्ता सबूत की मांग की है। भारत के विदेश मामलों के सचिव एस. जयशंकर और चीन के सहायक विदेश मंत्री हांग येसुई इस मामले पर नए तरीके से आगामी 22 फरवरी से बीजिंग में बात-चीत शुरू करेंगे। एक मीडिया ब्रीफ में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने इस बात की जानकारी दी।  मसूद पर बैन को लेकर अमरीका द्वारा प्रस्ताव किए जाने के बाद भारत ने कहा था कि वह इस मसले पर चीन के साथ कूटनीतिक बातचीत करेगा।
 
मसूद के बैन पर शुआंग ने कहा, "चीन न्याय, निष्पक्षता और प्रफेशनलिजम  के सिद्धांतों  के साथ काम करता है। भारत द्वारा की गई पिछले साल की अर्जी की बात हो या इस साल की, हमारा रुख बदला नहीं है। हमारा मानदंड सिर्फ एक है, हमें पुख्ता सबूत चाहिए।

एनएसजी के मुद्दे पर क्या कहा चीन ने 

एनएसजी में भारत के प्रवेश पर चीनी रुख को साफ करते हुए शुआंग ने कहा कि यह एक बहुपक्षीय मामला है। एनएसजी में किसको शामिल किया जाए और किसको नहीं इसका निर्णय एनएसजी के सभी सदस्यों को मिलकर लेना होगा। भारत के साथ-साथ कई और देशों ने भी एनएसजी में प्रवेश पाने के लिए आवेदन दिया है। मगर हमारा रुख सबके लिए एक जैसा ही है। 

क्या होगा इस रणनीतिक वार्ता में 

22 फरवरी से शुरू हो रहे रणनीतिक वार्ता के बारे  ने शुआंग कहा, ये वार्ता दोनो पक्षों के बीच अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर  विचारों के आदान-प्रदान करने एवं निजी हितों को समझने का एक मौका बनेगा। इस रणनीतिक वार्ता से भारत और चीन के बीच बिगड़ते रिश्ते को पटरी पर लाने को मौका मिलेगा। बता दें कि भारत और चीन के बीच मसूद अजहर के बैन और एनएसजी में भारत की सदस्यता सहित कई मुद्दों पर विवाद कायम है। 

पहले भी विरोध करता रहा है चीन  

मसूद पर बैन के लिए अमरीका ने फ्रांस और ब्रिटेन के साथ मिलकर यूएन में एक प्रस्ताव रखा है। हालांकि चीन ने अमरीकी प्रस्ताव का विरोध किया था। इससे पहले भी चीन पिछले साल भी दो बार मसूद के बैन पर विरोध कर चुका था। इस साल अमरीका द्वारा रखे जा रहे प्रस्ताव का चीन ने फिर से विरोध किया था। तब चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है पिछले साल सुरक्षा परिषद की समिति में मसूद पर प्रतिबंध को लेकर चर्चा हुई थी। उस दौरान अलग-अलग राय सामने आई थी। किसी सहमति पर नहीं पहुंचने की वजह से प्रतिबन्ध नहीं लगाया जा सका। अब इस मामले में चीन पुख्ता सबुत की मांग कर रहा है। 

मसूद के संगठन पर यूएन लगा चुका है बैन 

मसूद के संगठन जैश-ए-मोहम्मद पर यूनाईटेड नेशन ने पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है। अगर मसूद पर प्रतिबन्ध लग जाता है तो उसकी संपत्तियां जब्त हो जाएंगी और उसकी यात्राओं पर भी पाबंदी लग जाएगी। 

कौन है अजहर मसूद?

मसूद भारत का मोस्ट वॉन्टेड आतंकी है। उसके खिलाफ पठानकोट हमलों सहित कई आतंकी मामले हैं। अजहर वही आतंकी है जिसे 17 साल पहले कंधार प्लेन हाईजैक मामले में भारतीयों की रिहाई के बदले छोड़ा गया था। वह पाकिस्तान में ही रहकर भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों को ऑपरेट करता है। 

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned