बैंक की गलती सेे ड्राइवर के खाते में आ गये 9800 करोड़ रुपये, अगले दिन गायब 

New Delhi, Delhi, India
बैंक की गलती सेे ड्राइवर के खाते में आ गये 9800 करोड़ रुपये, अगले दिन गायब 

पंजाब के एक किसान बैंक ऑफ पटियाला के खाते  में बैंक की गलती से 9800 करोड़ रुपये आ गया। अब आयकर विभाग के अधिकारी बैंक के  पीछे पड़ गये हैं। 

नई दिल्ली. देशभर में नोटबंदी के चलते लोग अपने घर में जमा पैसों को बैंकों में जमा करवा रहे हैं और उस पर भी जुर्माने के डर से 2.5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं जमा करा रहे हैं। ऐसे में अगर आपके अकाउंट में अरबों रुपया आ जाए तो आपका होश उड़ जाना स्वाभाविक है। पंजाब में एक टैक्सी ड्राइवर के साथ कुछ ऐसा ही हुआ पर बैंक के पीछे इनकम टैक्स वाले पड़ गए हैं। 

गलती से पहुंंचा 98,05,95,12,231 रुपये 
दरअसल पंजाब के एक टैक्सी ड्राइवर के खातें में भूल से 98,05,95,12,231 रुपये की राशि स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में जमा किया गया था। टैक्सी ड्राइवर को जब चार नवंबर को  जब यह पता चला कि उसके खाते में एक झटके में 9 हजार  8 सौ करोड़ रुपए आ गए तो वह भौचक्का रह गया। पहले तो उसने सोचा कि यह कहीं सपना तो नहीं है। पर वो गलत नहीं था, उसने जो 
देखा और समझा वो उसके सामने एक हकीकत था। खुलासा होने पर उसे पता चला कि बैंक की गलती सबसे यह रकम उसके खाते में आ गईं। 
तहकीकात करने पर बना दिया नया पासबुक 
ऐसा पंजाब के बरनाला की स्टेट बैंक ऑफ पटियाला ब्रांच की गलती से हुआ। अपनी गलती को सुधारते हुए बैंक ने अगले ही दिन सारे पैसे वापस भी ले लिए। इसके बाद उसने बैंक में जाकर इस बारे में पता करने की कोशिश भी कई बार किया। परंतु किसी भी बैंक अधिकारी ने उसकी बात नहीं सुनी। इसके बदले बैंक अधिकारियों ने सात नवंबर को टैक्सी ड्राइवर का पासबुक 
रख लिया और नया पासबुक जारी कर दिया। 
 
सवाल, इंटरेस्ट का पैसा किसके खाते में जाएगा 
इंटरेस्ट का पैसा अब स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के अधिकारियों को इस गलती पर जवाब देते नहीं बन रहा है तो इनकम टैक्स विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहे है। यही नहीं आयकर विभाग की टीम ने सोमवार रात बरनाला में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला ब्रांच में जांच भी की। ड्राइवर बलविंदर सिंह का जनधन अकाउंट था। अब सवाल ये है कि क्या टैक्सी ड्राइवर के अकाउंट में करोड़ों रुपये की रकम का ब्याज जमा होगा क्योंकि 9 हजार 800 करोड़ रुपए का एक दिन का ब्याज ही 4 करोड़ रुपए बनता है। 

बयान से बच रहे बैंक अधिकारी
लीड बैंक पटियाला के मैनेजर संदीप गर्ग ने कहा कि ऐसा गलती से हो गया था। जबकि शाखा प्रबंधक रविन्द्र कुमार ने इस बारे में कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। इस बात की पुष्टि डिप्टी कमिश्नर भूपिंदर सिंह राय ने भी की। को बैंक का एक विक्रेता होना होता है। 

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